मानवाधिकार आमुखीकरण कार्यशाला आयोजित

अजमेर। प्रशिक्षण निदेशालय राजस्थान पुलिस एवं मुक्तिधारा संस्थान जयपुर द्वारा पुलिस लाईन सभागार में एक दिवसीय मानवाधिकार आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में अजमेर रेंज के पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को पूर्व मानवाधिकार आयोग चेयरमेन व मुक्तिधारा संस्थान के अध्यक्ष पूर्व न्यायाधीश श्री एस.एन. भार्गव ने संबोधित करते हुए पुलिस के उत्तरदायित्व व कत्र्तव्यों का उल्लेख करते हुए मानवाधिकारों के संरक्षण की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी अपने दायित्वों का सजगता से निर्वहन कर मानवाधिकारों के संरक्षण में अहम भूमिका निभा सकते है।
राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य श्री एन. के. देवराजन ने अपने संबोधन में कहा कि मानवाधिकार के हनन की घटनाओं में काफी कमी आई है, जिसमें राज्य मानवाधिकार आयोग के जागरूकता कार्यक्रमों का अहम योगदान है। श्री देवराजन ने प्रतिभागियों के समक्ष मानवाधिकार हनन के कई प्रकरणों का उल्लेख करते हुए पुलिस अधिकारियों को मानवाधिकारों के संरक्षण हेतु सजग रहने जानकारी दी।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस प्रशिक्षण श्री नन्द किशोर द्विवेदी ने मानवाधिकारों के संरक्षण व पुलिस की भूमिका पर संबोधन दिया। कार्यशाला के उद्देश्य, विषय वस्तु के संबंध में सचिव मुक्तिधारा संस्थान श्री रतन कात्यायनी ने जानकारी दी। एडवोकेट राजस्थान उच्च न्यायालय सुश्री मूमल ने मानवाधिकार व कानूनी पहलुओं के संबंध में जानकारी दी। इसके बाद आयोजित खुले सत्र में प्रतिभागियों के सवालों के जवाब दिए गए।
कार्यशाला में पुलिस महानिरीक्षक श्री अमृत कलश, पुलिस अधीक्षक श्री महेन्द्र सिंह चौधरी समेत अजमेर रेंज के कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

error: Content is protected !!