मोबाइल टेलीफोनी ने पूरे किए 25 साल

दिल्ली: 25 वर्ष पहले आज ही के दिन देश में पहली मेड इन इंडिया मोबाइल कॉल की गई थी। इस अवसर पर भारतीय सेलुलर आपरेटर्स संघ (सीओएआई) द्वारा “देश की डिजिटल उड़ान” नाम से एक वर्चुअल कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के मौके पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने टेलीकॉम सेक्टर में दूरसंचार विभाग, दूरसंचार कंपनी और सीओएआई द्वारा योगदान के लिए लिखित पत्र के माध्यम से उन्हें बधाई दी। पत्र में उल्लेख किया गया है कि डिजिटल मोबिलिटी कई अन्य प्रकार के काम भी कर रही है, जिसमें-सामाजिक, आर्थिक और सूचनात्मक कार्य शामिल हैं। डिजिटल कनेक्टिविटी के इकोसिस्टम में सक्रिय कंपनियों ने गरीबों की सेवा की है और यह कोशिश की है कि उन तक कनेक्टिविटी पहुंच सके।
ऑनलाइन कार्यक्रम में माननीय संचार मंत्री, इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी और कानून और न्याय मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद मौजूद रहे । इसके अलावा कार्यक्रम में आईएएस, अध्यक्ष, ट्राई डॉ. आरएस शर्मा, सचिव (टी) और अध्यक्ष, डीसीसी श्री अंशु प्रकाश, भारती एयरटेल अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड अध्यक्ष मुकेश अंबानी, स्पाइस ग्रुप के अध्यक्ष श्री बी के मोदी, सीओएआई के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. एसपी कोचर ने भी अपनी बातें रखीं।
भारतीय मोबाइल टेलीफोनी 25 साल की हो गई है और आज भी यूजर्स को नई टेक्नीक प्रोवाइड करा रही है। यह तकनीक न केवल लोगों के संचार के तरीके में बदलाव लाई है, बल्कि राष्ट्र के आर्थिक विकास और विकास में भी योगदान कर रही है। 31 जुलाई, 1995 को कोलकाता में राइटर बिल्डिंग और दिल्ली में संचार भवन के बीच पहला मोबाइल कॉल किया गया था, एक तरफ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री थे और दूसरी तरफ दिल्ली में संचार मंत्री थे। आज, लगभग 958 मिलियन सक्रिय वायरलेस यूजर्स हैं। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा दूरसंचार बाजार है, जो देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में बहुत बड़ा योगदान देता है। वहीं, इसने कोरोना वायरस जैसी महामारी के दौरान अर्थव्यवस्था को डिजिटल रूप से चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सीओएआई के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. एसपी कोचर ने इस कार्यक्रम के शुरुआत में टिप्पणी करते हुए कहा, “पिछले 25 वर्षों के दौरान, टेक्नोलॉजिकल प्रोग्रेस, इनोवेशन और बाजार की गतिशीलता ने बिजनेस पर गहरा प्रभाव डाला है। वहीं, बड़ा योगदान भी दिया है। कई क्षेत्र अपने क्षेत्रों में अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन टेलीकॉम लिंकेज के बिना वे वह सब अलग-थलग होंगे। टेलीकॉम आपस में जुड़ी है और यह समाज को जोड़ने में भी मदद करती है। यह मानव शरीर के नर्वस सिस्टम की तरह है। इस यादगार यात्रा से प्रेरणा लेते हुए हम वर्ल्ड क्लास इकोसिस्टम पर काम कर रहे हैं, जिसमें स्टेकहोल्डर्स और विशेषकर सरकार की मदद मिल रही।”
इस कार्यक्रम में भारत के शीर्ष दूरसंचार नेताओं के साथ ही भारती एंटरप्राइजेज के अध्यक्ष श्री सुनील भारती मित्तल और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अध्यक्ष श्री मुकेश अंबानी को एक साथ देखा गया। ऑनलाइन कनेक्टिविटी उद्योग के नेताओं के दौरान “कनेक्टिविटी परे दूरसंचार” शीर्षक से एक पैनल पर चर्चा की गई। इस दौरान एसटीएल के ग्रुप सीईओ डॉ. आनंद अग्रवाल, नोकिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और इंडिया मार्केट प्रमुख श्री संजय मलिक, मीडियाटेक इंडिया के एमडी श्री अंकु जैन, सिएना इंडिया के चैयरमेन और अध्यक्ष श्री राजेश नांबियार ने अपने विचार रखे।

Leave a Comment

This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

error: Content is protected !!