(विवेक का प्रयोग)

मेरे कहने का मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि आपकी बिटिया अन्याय सहन करे या किसी प्रकार के दबाव में रहे । वह सदैव अपने आत्मसमान की रक्षा करे किन्तु विवक का प्रयोग करे।
उचित समझौते करना नहीं आ रहा है आजकल परिवार के हर सदस्यों को। आपका आचरण आपकी लाडली के मन-मस्ष्कि पर विशेष प्रभाव डालता है। आप कोई भी ऐसा अनुचित कार्य या आचरण अपने घरवालों, बडों या रिश्तेदारों के साथ ना करें कि कल आपकी लाडली सुसराल जा कर वही अनुचित आचरण वहां करे। आप को शिकायत मिल सकती है। आपकी छवि खराब हो सकती है। और उसका घर संसार टूट सकता है।
स्वभाव में विविधता पायी जाती है पर यदि व्यक्ति अपने विवेक से कार्य करे तो हजारों लाखों का दिल जीत सकता है फिर सुसराल में तो चंद परिवार के ही सदस्य होते हैं। बडों का सम्मान, छोटे से प्यार व अन्यों से आदार का भाव सीखाईये। अपनी बिटिया की गलत आदतों व बातों का समर्थन मत करें उसे उचित मार्गदर्शन दें। उसकी खुशहाली में ही आप की खुशहाली है। फिर देखियेगा आपकी बिटिया के लिऐ हिन्दी फिल्म का यह गीत सही साबित होगा कि-‘रानी बेटी राज़ करेगी…….’। और करे भी क्यों ना आप की बेटी है ।
मेरी सलाह है कि परिवार जोडने का प्रयास करें ना कि तोडने का। रिश्तों की डोर एक बार टूट जाये तो वापस जुडने में गांठ आ जाती है। बिटिया आपका का प्रतिबंब है। आप अच्छे तो आपके बच्चे भी अच्छे ही होगें। आप समाज व राष्ट्र के विकास में सहयोग देवें।
बलराम हरलानी
लेखक का परिचय – एक सफल व्यवसायी, कृषि उपज मंडी के डायरेक्टर, समाज सेवी, पूर्व छात्र सेंट ऐन्सलमस अजमेर।