स्वास्थ्य के लिये लाभकारी चना

dr. j k garg
dr. j k garg
चना एक पौष्टिक आहार साबित हुआ है । हमारे अच्छे स्वास्थ्य के लिये भूना हुआ चना या अंकुरित चना अत्यंत लाभदायक प्रमाणित हुआ है | चने में कार्बोहाइड्रेट,प्रोटीन,नमी,चिकनाई,रेशे,कैल्शियम,आयरन और विटामिन्स पाए जाते हैं। चने में27और28फीसदी फॉस्‍फोरस और आयरन होता है। यह न केवल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करते हैं बल्कि हीमोग्‍लोबीन बढा कर किडनियों को भी नमक की अधिकता से साफ करते हैं। एक कटोरा चना खाने से28ग्राम रेशा आपके शरीर में जाता है,जिससे पेट संबन्‍धी सारी शिकायते दूर रहती हैं साथ ही कब्‍ज हो या फिर पेट का कैंसर,दोनों ही नहीं होते। चने के कई किस्मेंआती हैं,काला,पीला,छोटे चने,काबुली,सफेद जो मोटे होते हैं ।
काला चना
आयुर्वेद के अनुसार चना और चने की दाल स्वास्थ्यवर्धक एवम् लाभकारी हैं |
चने को गरीबों का बादाम भी कहा जाता है,क्योंकि ये सस्ता होता है। चने मे कार्बोहाइड्रेट,प्रोटीन,नमी,चिकनाई,रेशे,कैल्शियम,आयरनव विटामिन्स पाए जाते हैं। चने में बड़ी से बड़ी बीमारियों से लड़ने की क्षमता है। । चना पाचन शक्ति को संतुलित बनाती है तथा हमारी और दिमागी ताकत को भी बढ़ाता है। चने से खून साफ होता है जिससे त्वचा निखरती है। कहते हैं कि सर्दियों में चने के आटे का हलवा कुछ दिनों तक नियमित रूप से सेवन करने से वात से होने वाले रोगों में व अस्थमा जैसी बीमारियों में फायदा होता है। सर्दियों में रोजाना50ग्राम चना खाना बादाम से ज्यादा लाभकारी होता है। कहावत है चना खाओ घोड़े सी ताकत पाओ |
भोजन में चना :-
रोटी के आटे में चोकर मिला हुआ हो और सब्जी या दाल में चने की चुनी यानी चने का छिलका मिला हुआ हो तो यहआहारबहुत सुपाच्य और पौष्टिक हो जाता है। चोकर और चने में सब प्रकार के पोषक तत्व होते हैं। चनागैसनहीं करता,शरीर में विषाक्त वायु हो तो अपान वायु के रूप में बाहर निकाल देता है। इससे पेट साफ और हलका रहेगा,पाचन शक्ति प्रबल बनी रहेगी,खाया-पिया अंग लगेगा,जिससे शरीर चुस्त-दुरुस्त और शक्तिशाली बना रहेगा। मोटापा,कमजोरी,गैस,मधुमेह,हृदय रोग,बवासीर,भगन्दर आदि रोग नहीं होंगे।
बेजड़ या मिक्सी रोटी–
गेहूँ,चना और जौ तीनों समान वजन में जैसे तीनों2-2किलो लेकर मिला लें और मोटा पिसवा कर,छाने बिना,छिलका चोकरसहित आटे की रोटी खाना शुरू कर दें। इसे बेजड़ या मिक्सी रोटी कहते हैं।

खाज-खुजली,त्वचा संबंधित बीमारियां में फायदा—–चने के आटे की की नमक रहित रोटी40से60दिनों तक खाने से त्वचा संबंधित बीमारियां जैसे-दाद,खाज,खुजली आदि नहीं होती हैं।
सांस नली व कफ रोग दूर-भुने हुए चने रात में सोते समय चबाकर गर्म दूध पीने से सांस नली के अनेक रोग व कफ दूर हो जाता हैं।
मधुमेह में बहुत लाभ-25ग्राम काले चने रात में भिगोकर सुबह खाली पेट सेवन करने से डायबिटीज दूर हो जाती है। यदि समान मात्रा में जौ चने की रोटी भी दोनों समय खाई जाए तो डायबिटीज में जल्दी फायदा होगा।
बार-बार पेशाब व मूत्र से संबंधित समस्या-बार-बार पेशाब जाने की बीमारी में भुने हूए चनों का सेवन करना चाहिए। गुड़ व चना खाने से भी मूत्र से संबंधित समस्या में राहत मिलती है।
जुकाम में फायदा-गर्म चने रूमाल या किसी साफ कपड़े में बांधकर सूंघने से जुकाम ठीक हो जाता है।
बवासीर में फायदा-रोजाना भुने चनों के सेवन से बवासीर ठीक हो जाता है।
कब्ज-1या2मुट्ठी चनों को धोकर रात को भिगो दें। सुबह जीरा और सोंठ को पीसकर चनों पर डालकर खाएं। घंटे भर बाद चने भिगोये हुए पानी को भी पीने से कब्ज दूर होती है।
निम्न रक्तचाप-20ग्राम काला चना और25दाने किशमिश या मुनक्का रात को ठण्डे पानी में भिगो दें। सुबह रोजाना खाली पेट खाने से निम्न रक्तचाप (लो ब्लड प्रेशर) में लाभ होगा और साथ ही चेहरे की चमक भी बढ़ जाती है।
शरीर का वजन बढ़ाने के लिए-लगभग50ग्राम की मात्रा में चने की दाल को लेकर शाम को100मिलीलीटर कच्चे दूध में भिगोकर रख दें। अब इस दाल को सुबह उठकर किशमिश और मिश्री में मिलाकर अच्छी तरह से चबाकर खायें। इसका सेवन लगातार40दिनों तक करना चाहिए।
शरीर का वजन कम करने के लिए-उबले चने को सिर्फ नमक के साथ मिला कर खाने से आपका वजन भी कम हो सकता है। वैसे भी कहा गया है कि`जो खाये चना वो रहे बना`|
खांसी में लाभ-रात को सोते समय थोड़े भुने हुए चने खाकर ऊपर से गुड़ खा लें,इससे खांसी में लाभ होता है|
कब्ज दूर होती-एक या दो मुट्ठी चने धोकर रात को भिगो दें|सुबह पिसा हुआ जीरा और सौंठ चनों पर डालकर खाएं,घंटे भर बाद चने भिगोए हुए पानी को भी पी लें,इस प्रयोग से कब्ज दूर होती है|
सकलंन कर्ता—–डा.जे.के.गर्ग
सन्दर्भ—विकीपीडिया,गूगल सर्च

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