dr. j k gargसच्चाई तो यही है कि जिस क्षण आप अपने आप पर हंसते उसी क्षण आप अपने तनाव से मुक्त हो जाते हो |लॉर्ड ब्यूरो ने भी बतलाया कि जब कभी भी अवसर मिले तो मुस्कुरा जरुर लो क्योंकि यह सबसे सस्ती और प्रभावशील दवा है |टॉम नन्स बुरी के मुताबिक जहाँ आशावादी व्यक्ति बातों को भूलने के लिये मुस्कुराता है वहीं दुसरी तरफ निराशावादी पुरुष जीवन में मुस्कराना ही भूल कर अपने जीवन को नारकीय बना देता है | जॉन लीसेलाफ्टर ने बतलाया था कि मुस्कुराहट आप को अन्य व्यक्तियों से जोड़ता है,जब आप हंसते हैं तब यह सम्भव ही नहीं है कि परस्पर आपसी मनमुटाव या दूरियां बनी रहें वहीं दुसरे अर्थ में मुस्कुराहट प्रजातंत्र को मजबूत बनाने का भी काम करता है | मार्क ट्वेन के अनुसार आदमी के पास मुस्कुराहट प्रभावशाली अस्त्र है | निसंदेह परमात्मा ने आपके भीतरी अंगों के व्यायाम के लिये और आपको आनन्द और खुशिया प्रदान करने के लिये हँसी बनायी है |महात्मा गांधी के लिए ये प्रसिद्ध है कि वे खूब खुल कर हँसते थे और स्वयं को लक्ष्य करके हँसा करते थे।मुंशी प्रेमचंद ने भी बतलाया था कि कड़वी बात भी हंसकर कही जाय तो वो भी मीठी हो जाती है जीवन में वो दिन सबसे खराब था जिस दिन हम दिन में एक बार भी नहीं हंसे |