राशियाँ क्या है ?

संगीता पुरी
हमने सौरमंडल का अध्‍ययन किया ही है,
पूरे सौरमंडल का केन्‍द्र सूर्य नाम का एक ताराहै, जिसके चारो ओर पृथ्‍वी सहित सारे ग्रह परिक्रमा करते हैं,
सूर्य से सबसे निकट बुध का परिभ्रमण पथ है, उसके बाद शुक्र, उसके बाद पृथ्‍वी, उसके बाद मंगल, पुन: बृहस्‍पति, इसके बाद शनि, फिर यूरेनस, नेप्‍च्‍यून और प्‍लूटों का परिभ्रमण पथ है .. अपने अपने पथ पर सभी ग्रह समान गति से गतिशील होकर सूर्य का चक्‍कर लगातार लगा रहे हैं।
इसी प्रकार पृथ्‍वी का उपग्रह चंद्रमा पृथ्‍वी का और अन्‍य ग्रहों के उपग्रह भी नियमित तौर पर चक्‍कर लगा रहे हैं।
आसमान में सौरमंडल में सूर्य मध्‍य और अन्‍य ग्रह उसकी परिक्रमा कर रहे हों , पर खगोल शास्‍त्र में पृथ्‍वी को केन्‍द्र में रखकर इसे 12 भागों में बांटकर सारे ग्रहों , उपग्रहों और तारों की गति और स्थिति का अध्‍ययन किया जाता है।

चाहे पृथ्‍वी की स्थिति अपने पथ पर कहीं भी हो।

पृथ्‍वी से ही अनंत तक फैले आसमान के गोल घेरे यानि 360 डिग्री को 12 भागों में बांटकर 30-30 डिग्री की एक राशि ज्‍योतिष शास्‍त्र में निकाली जाती है।

ये राशियां ही क्रमश: मेष , वृष , मिथुन , कर्क , सिंह , कन्‍या , तुला , वृश्चिक , धनु , मकर , कुंभ और मीन कहलाती है।

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