सामान्य वर्ग को न्यायोचित अधिकार मिलने चाहिए!

 मनोहर चावला 
आज चारों तरफ़ आरक्षण ख़त्म करने के लिए सामान्य वर्ग सड़को पर है देश में जगह जगह आरक्षण ख़त्म करने के लिए जुलूस, हड़ताले और अनशन हो रहे है लेकिन सरकार के कानों जूँ तक नहीं रेंग रही है ।किसी भी दल ने आरक्षण के मुद्दे पर एक शब्द नहीं बोला न ही मीडिया ने कोई कवरेज दी! रात दिन परिश्रम कर ९० प्रतिशत वाला विधार्थी डाक्टर- इंजीनियर नहीं बन सकता और ४० प्रतिशत वाला आरक्षण का लाभ लेकर डाक्टर- इंजीनियर बन रहा है विधार्थियो में कुंठित भावना ग्रहण कर रही है वे आत्म हत्या का रास्ता अपना रहे हैं ऐसे में माँ- बाप और अभिभावक परेशान हैं और आरक्षण समाप्ति के लिए एक जुट हो रहे हैं उसे बीजेपी सरकार से इस मुद्दे पर काफ़ी उम्मीदें थी कि वो कोई रास्ता निकालेंगी । लेकिन वोटो की ख़ातिर उसने भी चुप्पी साध रखी है!सामान्य वर्ग के नागरिकों को अपने ही देश में लगातार दूसरे दर्जे का व्यवहार सहना पर रहा है ।इस देश को कांग्रेस ने आरक्षण के नर्क में धकेला था जबकि बीजेपी के पास मौका था उसको ठीक करना लेकिन उन्होंने उसे उल्टा और बढ़ाया,जनरल कैटेगरी और उनके बच्चों की चिंता किसी को नहीं| खाली उनसे टैक्स वसूलने में यह सरकार लगी रही ।
 सामान्य वर्ग के लोग किसी जाति या समुदाय के खिलाफ नहीं हैं। उनकी मांग है कि आरक्षण का आधार केवल आर्थिक स्थिति और वास्तविक जरूरत पर ही आधारित हो।जाति के आधार पर नहीं ।
UGC के नए बदलाव जो मोदी सरकार लाए है बहुत ही खतरनाक इरादों से और जनरल कैटागिरी बच्चो के लिए अत्यंत हानिकारक है | UGC ACT ला के मोदी सरकार ने जनरल कैटेगरी के साथ धोखा किया हैं UGC के ऐसे नियमों की समीक्षा हो, जो हमारे बच्चों के भविष्य और समान अवसरों को प्रभावित कर सकते हैं।SC/ST Act को हटाना जरूरी है, कांग्रेस ने जन्म दिया और उनको बढ़ावा मोदी सरकार ने ही दिया है ।आख़िर क्यों ?
अब SC / ST एक्ट से कमाई का जरिया बनाकर सामान्य वर्ग की जिंदगी से जो खिलवाड़ हो रहा हैं वो नहीं होना चाहिए। किसी भी कानून का दुरुपयोग निर्दोष नागरिक के जीवन, सम्मान और स्वतंत्रता को बर्बाद नहीं कर सकता। कानून सुरक्षा का साधन हो, प्रताड़ना का हथियार नहीं।
आरक्षण किसी की जागीर नहीं….
देखा जाये तो अब चुप रहने का समय नहीं है।आरक्षण की निष्पक्ष समीक्षा करो,UGC के विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार करो!नए बदलाव वापस करो|SC/ST Act के दुरुपयोग को रोको!सरकार से मिलने वाले मुआवजे पर रोक लगाई जाए | 12 लाख तक देती हे सरकार SC/ ST को| और केस चलाने सरकारी प्रोटेक्शन | कानून को कमाई का जरिया बनाकर सवर्णों की जिंदगी से खिलवाड़ बंद करो!हर भारतीय को समान न्याय दो!”
क्या जनरल कैटेगरी और उनके बच्चों के खिलाफ यह साजिश नहीं है …?
क्या सामान्य वर्ग ने बीजेपी को वोट दे कर बहुत बड़ी गलती की है ..?कांग्रेस तो हमारे साथ पहले से ही नहीं है…!
हम उन लोगों को जिसने हमें सपोर्ट किया ,जिन्होंने पिटीशन फाइल की और वो ज्यूडिशरी जिसने केस एडमिट किया है सब की दिल से सराहना करते है जो सारे लोगों ने ये UGC कानून के सामने स्टे लाने ने में जनरल कैटेगरी की मदद की है उनका धन्यवाद करते है |
मोहन भागवत जी बोलते है हम ने UGC कानून बनाया ही नहीं था तो वापिस लेने की बात क्यों ? पहले तो ये न हीं सरकार में है न हीं सरकार के वकील है । और SC/ ST ACT का क्या ?उस पे कोई टिप्पणी नहीं ? और क्या वो जनरल कैटेगरी को सपोर्ट कर रहे है या नहीं ? जब कानून बना तभी तो स्टे आया है क्या समझा रहे है ये |और मोदीजी के पास कोई जवाब नहीं है |हर जगह और हर गवर्नमेंट में और मंत्री पद या एजेंसीज में OBC / SC/ ST को ही आगे किया जा रहा है क्यों सामान्य वर्ग अछूते हो गए है समाज के लिए ? सब जगह स्वर्ण को पीछे रख के आनंद मिल रहा है इनको ! | हम को अभी भी सोचना है कि जो दलदल में हम दस रहे है वो सिर तक आ गयीतो फिर कोई बचाने वाला नहीं है , तो जब एकजुट हुए हो तो पीछे मत हटो वरना स्वर्ण समाज की सफाई कर देंगे ये सारे मिलके | जरूरत पड़े तो एक नया राजनीतिक विकल्प भी खड़ा किया जाए—जो जाति की राजनीति नहीं, समान अवसर, समान न्याय और जवाबदेही की बात करे।जो जनरल कैटेगरी को सपोर्ट करे..हम झुकेंगे नहीं,हम लड़ेंगे,लोकतांत्रिक तरीके से ।यह हमारा संकल्प होना चाहिए ।

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