सीनियर्स सिटीजन्स ( वरिष्ठ नागरिक )
के लिए मेरी कविता ” बोनस लाइफ “

बुढ़ापा उम्र की वो अंतिम पड़ाव है
जहां हर इंसान पहुंच नही सकते है,
ईश्वर उन्हीं पर मेहरबान होते है
जिन्हें ये बोनस लाइफ लिख देते है।
बचपन गुजरा गुज़र गई सारी जवानी
आहिस्ता-आहिस्ता छा गया बुढ़ापा,
सौभाग्यशाली होते है वे वृद्ध लोग
क्योंकि बोनस लाइफ है बुढ़ापा।
दबाकर अपनी सारी ख्वाहिशों को
पूर्ण करते हो औरों की ख्वाहिशों को,
अब तो रहने दो इस तरह की समझौते
क्योंकि बोनस लाइफ है बुढ़ापा।
मेरा, तेरा कहकर जीवन बीता दिए
जो अपने लोग थे छोड़कर चल दिए,
कुछ तो कद्र करो अपने बुढ़ापे की
क्योंकि बोनस लाइफ है बुढ़ापा।
अब तो छोड़ दो औरों के लिए जीना
अब तो छोड़ दो लोभ, मोह, लालसा,
बस जिएं तो सिर्फ ख़ुद के लिए जिएं
क्योंकि बोनस लाइफ है बुढ़ापा।
अवकाश प्राप्त हवलदार श्रीमान गोपाल नेवार, ‘गणेश’, ई. एफ. आर. बटालियन, सलुवा खड़गपुर, पश्चिम मेदिनीपुर प.बं। पिन 721145
मोबाइल – 9832170390.