हाथ -पैर लाचार कुर्राहा गांव की साहिबा की मदद कौन करेगा ….. ?

छतरपुर -मध्य प्रदेश विधान सभा क्षेत्र 48 महाराजपुर के ग्राम कुर्राहा जो की गढ़ी मलहरा थाना क्षेत्र में है इस ग्राम के गरीब बाहन चाक ड्राइवर रमजान की धर्म पत्नी श्रीमती समस्या बेगम ने 18 बर्ष पूर्व तीसरी एक बेटी को जन्म दिया जिसका नाम साहिबा रखा गया । जैसे ही बेटी ने इस संसार में जन्म लिया माँ और परिवार बालो को रुला दिया। बेटी के जन्म के साथ ही बेटी के दोनों हाथ व पैर दिव्यांग थे। खुदा ईश्वर की कृपा बेटी का पालन पोषण हुआ , परिवार के लोगो ने बचपन से ही बेटी को शिक्षित बनाने का संकल्प लिया उसकी परवरिश भी अन्य बेटिओ से अलग हुई। बर्ष 2018 -19 की 12 वीं की परीक्षा कला संकाय से दी जिसमे 78 प्रतिशत अंक प्राप्त कर बेटी ने घर परिवार और जिला का नाम रोशन किया। साहिबा की बहन इस्लामी खातून बी भाई इमरान खां ने बताया की साहिबा का दिमाग बहुत ही अच्छा है इसलिए उसे पढ़ना आवश्यक है।
बेटी साहिबा के जन्म से आज तक उसकी माँ पिता परिवार के लोग उसकी हर तरह से ख्याल करते शिक्षित किया अब बेटी उच्च शिक्षा ग्रहण करना चाहती है , वह चल फिर नहीं सकती इसलिए उसको भारतसरकार और प्रदेश सरकार की दिव्यांग योजना का लाभ मिलना उसके जीवनहित में है लेकिन आज तक इस बेटी से न तो कोई नेता मिला न ही अधिकारी मिले। पिछले दिनों छतरपुर जिला की मिडिया ने उसके परीक्षा परिणाम के बाद उसे समाचार पत्रों में स्थान दिया जिसको पढ़कर बुन्देलखण्ड के समाज सेवी संतोष गंगेले कर्मयोगी ने बेटी बचाओ -बेटी पढ़ाओ अभियान को आगे बढ़ने निजी तौर पर सक्रिय होने के कारण वह साहिबा के घर पहुंचे और बेटी का पूजन और सम्मान किया उसकी समस्याओ को सुना और सरकार तथा समाजसेवी संस्थाओ जन प्रतिनिधिओ विधायक और सांसद से अनुरोध किया ही इस बेटी की शिक्षा और भविष्य के लिए जो मदद हो करने सभी आगे आना चाहिए।

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