हर खबर को मॉनिटर करने की एकमात्र संस्था- जस्ट ट्रैक

आज के कॉर्पोरेट जगत में मीडिया मॉनिटरिंग की अहमियत बहुत बढ़ गई है. सिर्फ कॉर्पोरेट जगत ही नहीं बल्कि छोटे व्यवसाय और व्यक्तिगत तौर पर भी लोगों के बीच मीडिया मॉनिटरिंग का चलन काफी देखने को मिल रहा है. बड़े उद्योगपति हों या दिग्गज राजनेता, मीडिया मॉनिटरिंग की जरुरत सभी को महसूस हो रही है, अपनी पैरेंट कंपनी पीआर 24×7 के मार्गदर्शन में पिछले 17 वर्षों से मीडिया मॉनिटरिंग के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही जस्ट ट्रैक, आज देश के कई दिग्गज संस्थाओं व उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है. जस्ट ट्रैक को राजनेताओं व उनसे जुडी ख़बरों को बारीकी से ट्रैक करने के लिए जाना जाता है. पिछले कई वर्षों से संस्था देश के विधानसभा व आम चुनावों से जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबर को ट्रैक कर, आम जनता तक पहुंचाने का काम करती आई है. इसके अलावा राजनेताओं व राजनीतिक पार्टियों के लिए देशभर के अलग अलग कोनों से आने वाली विभिन्न ख़बरों को भी जस्टट्रैक अपने मॉनिटरिंग टूल्स के माध्यम से लिस्टिंग करने का काम करती है. ख़ास बात ये है कि संस्था की पहुंच अब सिर्फ भारत तक ही सिमित नहीं है, मौजूदा समय में जस्टट्रैक भारत के पड़ोसी मुल्कों जैसे बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका और नेपाल में भी अपनी सेवाएं उपलब्ध करा रही है. जस्ट ट्रैक के वाइस प्रेसिडेंट उज्जैन सिंह चौहान के अनुसार संस्था जल्द जापान, मलेशिया और सिंगापुर भी सेवाओं की शुरुआत करने जा रही है.

राजनीतिक ख़बरों की मॉनिटरिंग का जिक्र करते हुए श्री चौहान बताते हैं कि, “कई सरकारी योजनाओं, राजनेताओं व राजीतिक पार्टियों के लिए मीडिया मॉनिटरिंग एक अहम हिस्सा है. इससे जरिये उनसे जुड़ी छोटी से छोटी खबर को भी प्रकाश में लाने और उस खबर को आखरी उपभोक्ता तक पहुंचाने में मदद मिलती है. हम पिछले सालों में राजस्थान, कर्नाटक और केंद्र सरकार की कई योजनाओं के लिए काम कर चुके हैं. 2017-18 के दौरान हमने यूपी और एमपी के विधानसभा चुनावों में काम किया. 2014-16 तक हमें कर्णाटक सरकार के लिए काम करने का अवसर प्राप्त हुआ. यही कारण है कि आज 12 वर्षों से हम पॉलिटिकल मॉनिटरिंग के क्षेत्र में देश की सर्वश्रेष्ठ संस्था बने हुए हैं.”

नॉन गवरन्मेंटल ऑर्गनाइजेशन हो, कॉर्पोरेट जगत की दिग्गज संस्थाएं हो या सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी खबरें, जस्ट ट्रैक लगभग सभी क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम कर रही है. उज्जैन सिंह चौहान के मुतबिक, जस्ट ट्रैक के काम करने का तरीका ही उसे टॉप मीडिया मॉनिटरिंग संस्थाओं में शामिल करता हैं. संस्था यह सुनिश्चित करती है कि कवरेज प्रासंगिक हो, समय पर और सटीक तरीके से क्लाइंट तक पहुंचे. पॉलिटिकल मॉनिटरिंग में राजनीतिक क्लाइंट्स की सामाजिक छवि का पूरा ख्याल रखा जाता है और ऐसी ही सारी बातों को ध्यान में रखते हुए मीडिया अनुसंधान और मीडिया मॉनिटरिंग की तैयारियां की जाती हैं.

पॉलिटिकल मॉनिटरिंग के लिए क्यों ख़ास जस्टट्रैक?

राजनेताओं के लिए उनसे संबंधित सभी समाचारों की जांच करना मुश्किल होता हैं, और सामाजिक तौर पर उनके बारे में क्या बात चल रही है, यह राजनेताओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि समाचारों के परिणामस्वरूप उनकी छवि तैयार होती हैं. जस्ट ट्रैक, मीडिया मॉनिटरिंग टूल्स का इस्तेमाल करते हुए अपने कस्टमर्स (जिनमें राजनेता, उद्योगपति, पॉलिटिकल पार्टीज़ व विभिन्न उद्योग शामिल है) और उनके कॉम्पिटिटर्स व हितधारकों के बारे में मीडिया में जो भी बात चल रही है, को ट्रैक करने का काम करती है. राजनेताओं की आवाज को जन जन तक पहुंचाने के लिए सभी पारंपरिक मीडिया टूल्स व ‘न्यू मीडिया’ (ऑनलाइन) दोनों माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता है.

जस्ट ट्रैक के बारे में..

जस्ट ट्रैक भारत में एकमात्र ऐसी कंपनी है जो मॉनिटरिंग सेवाएं प्रदान करती है. संस्था पब्लिक रिलेशन की जानी मानी कंपनी पीआर 24×7 नेटवर्क लिमिटेड का एक हिस्सा हैं. जिनके पास 75 से अधिक लोगों की टीम हैं और जो 24 घंटे, हफ्ते के सातों दिन काम करने में विश्वास रखते हैं. सीएसआर को लागू करने के लिए कंपनी पास एसए 8000:2008 हैं और वैश्विक मानक को निर्धारित करने के लिए आईएसओ 9001:2008 प्रमाणपत्र भी मौजूद है.

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