विदिषा में 100 वर्ष पूर्व केवल 4 व्यक्तियों ने की थी आर्य समाज शाखा की स्थापना

शताब्दी वर्ष समारोह में चारों दिवस देषभर से पधारे प्रतिष्ठित विद्वान करेंगे आध्यात्मिक प्रवचन
विदिषा 7 नवम्बर 2019/ महर्षि दयानन्द सरस्वती ने राष्ट्रीय स्तर पर आर्य समाज की प्रतिष्ठापना 144 वर्ष पूर्व 7 अपै्रल 1875 को की थी। तत्पष्चात विदिषा में आर्य समाज शाखा की स्थापना 100 वर्ष पूर्व सन 1918 में हुई थी और इसे केवल 4 व्यक्तियों ने स्थापित किया था। ये थे, मुंषी भगवान स्वरूप सक्सेना, रामस्वरूप जौहरी, पूर्व सांसद बाबू रामसहाय सक्सेना और द्वारिका प्रसाद वर्मा।
विदिषा में आर्य समाज की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने पर 9 से 12 नवम्बर तक आयोजित भव्य वृहद शताब्दी समारोह के प्रथम दिवस 9 नवम्बर शनिवार को प्रातः 10.30 बजे कार्यक्रमों का विधिवत शुभारंभ होगा। इस अवसर पर इसके पूर्व प्रातः 8 से 10 तक यज्ञ-भजन-प्रवचन, प्रातः 10.15 बजे ध्वजारोहण पश्चात 10.30 बजे विधिवत उद्घाटन होगा। इसी अवसर पर दीप प्रज्जवलन, मंगलाचरण, वेद मंत्रोच्चार, परिचय व स्वागत, शताब्दी स्मारिका विमोचन एवं आषीर्वाद-उदबोधन होंगे। तत्पष्चात दोपहर 2 बजे नगर में भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी।
स्थानीय शाखा के संरक्षक सीताराम आर्य, प्रधान जयप्रकाष आर्य, मंत्री विष्वेन्द्र आर्य तथा प्रांतीय सभा के उप प्रधान दिनेष वाजपेयी ने बताया है कि समारोह में चारो दिवस नित्य-प्रतिदिन प्रातः 5.30 से 7 बजे तक रोहतक के स्वामी अमृतानन्द सरस्वती के पावन सानिध्य में क्रियात्मक योग साधना षिविर जारी रहेगा। इसके प्रषिक्षणदाता सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक तथा विदिषा जिले के पूर्व पुलिस अधीक्षक वेदप्रकाष शर्मा हैं। वहीं, चतुर्वेद शतकम् यज्ञ अंतर्गत चारों दिवस प्रतिदिन 8 से 10 बजे तक अनुष्ठान जारी रहेगा। इसमें होषंगाबाद के आचार्य आनन्द पुरूषार्थी यज्ञ ब्रह्मा, ब्रह्मचारी पूजा आर्य, मीनाक्षी आर्य, धुरंधर शास्त्री तथा दीपक शास्त्री वेद पाठ करेंगे। इसी अवसर पर स्वामी अमृतानंद सरस्वती तथा नई दिल्ली के डॉ. धर्मेन्द्र कुमार शास्त्री प्रवचन करेंगे और बरेली-उत्तरप्रदेष के पं.भानुप्रकाष शास्त्री तथा देवभूमि हरिद्वार-उत्तराखण्ड की सुश्री निकिता आर्य भजनोपदेष करेंगे। समारोह में प्रतिदिन 3 सत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में संस्कृत-संस्कृति सम्मेलन राष्ट्र सुरक्षा सम्मेलन नारी शक्ति तथा युवा सम्मेलन सहित यज्ञ से पर्यावरण शोधन विषय पर संगोष्ठी भी होगी।

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