नई दिल्ली, 13 अप्रैल, 2022: एचसीएल के संस्थापक डॉ अजय चौधरी द्वारा एचसीएल के फैलो संस्थापक अर्जुन मल्होत्रा और उद्योग जगत के दिग्गज डॉ सत्या गुप्ता द्वारा स्थापित एपिक फाउंडेशन का लॉन्च भारतीय इलेक्ट्रोनिक प्रोडक्ट्स एवं राष्ट्रीय महत्व के भारतीय ब्राण्ड्स के निर्माण द्वारा देश के इलेक्ट्रोनिक उद्योग के पुनरूत्थान के उद्देश्य से किया गया। लॉन्च समारोह की अध्यक्षता मुख्य अतिथि डॉ वी.के. सारस्वत, सदस्य, नीति आयोग के द्वारा की गई। इस अवसर पर मौजूद अन्य गणमान्य दिग्गजों में श्री जैसमीन शाह, वाईस चेयरपर्सन डायलॉग एण्ड डेवलपमेन्ट कमीशन ऑफ दिल्ली, डॉ श्रीवारी चन्द्रशेखर, सचिव, विज्ञान एवं प्रोद्यौगिकी विभाग, भारत सरकार, श्री अमितेश कुमार सिन्हा, संयुक्त सचिव, इलेक्ट्रोनिक एवं सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्रालय शामिल थे तथा उद्योग, सरकार एवं अकादमिक जगत के दिग्गज भी इस अवसर पर मौजूद थे।
एपिक फाउन्डेशन का गठन उद्योग एवं अकादमिक जगत के समर्थन से दो मुख्य उद्देश्यों के साथ किया गयाः
1. उच्च प्रभाव/ उच्च वॉल्युम कैटेगरी में ‘‘भारतीय’ इलेक्ट्रोनिक प्रोडक्ट्स एवं ‘‘भारतीय’ ब्राण्ड्स के निर्माण को बढ़ावा देना
2. भारतीय इलेक्ट्रोनिक्स प्रोडक्ट्स का वॉल्युम बढ़ाकर सेमीकंडक्टर चिप्स की मांग को पूरा करना
डॉ अजय चौधरी, चेयरमैन एपिक फाउन्डेशन ने कहा, ‘‘हमें एपिक फाउन्डेशन के लॉन्च की घोषणा करते हुए बेहद खुशी का अनुभव हो रहा है। हम इलेक्ट्रोनिक्स प्रोडक्ट्स के डिज़ाइन से लेकर मैनुफैक्चरिंग तथा सेमीकन्डक्टर चिप्स के डिज़ाइन और मैनुफैक्चरिंग तक भारतीय इलेक्ट्रोनिक्स उद्योग को सही मायनों में आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं। हम एपिक फाउन्डेशन के इस मिशन को पूरा करने के लिए सभी ओद्यौगिक संगठनों, अकादमिक एवं उद्योग जगत तथा सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे।’’
एपिक फाउन्डेशन ने लॉन्च समारोह के दौरान दो मुख्य प्रोडक्ट्स की घोषणा कीः
1. एक भारतीय 10.1 इंच टैबलेट, जिसे शिक्षा एवं सामाजिक सशक्तीकरण के उद्देश्य से कई अनूठे फीचर्स के साथ डिज़ाइन किया गया है जैसे रिपेयरेबिलिटी, अपग्रेडेबिलिटी, भारतीय भाषाओं के लिए एआई/एमएल आधारित इंटर-लिंगुअल ट्रांसलेशन (वॉइस-2-वॉइस, टेक्स्ट-2-टेक्स्ट), जो भारत की विभिन्न भाषाओं को सपोर्ट करता है तथा दिव्यांगजनों के लिए भी अनुकूल है।
2. एक भारतीय एलईडी ड्राइवर चिप, जो 700 मिलियन युनिट्स के कन्ज़्प्शन से युक्त है, अगले कुछ सालों में यह आंकड़ा एक बिलियन युनिट्स तक पहुंच जाएगा। इसे टॉप-10 एलईडी प्रोडक्ट कंपनियों ELCOMA का समर्थन प्राप्त है, निर्माताओं ने भी इस चिप की खरीद के लिए सहमति जताई है। प्रोजेक्ट के लिए बड़ी संख्या में आवश्यक सिलिकॉन वेफर्स और चिप्स, एससीएल फैब के पुनरूत्थान में मददगार हो सकते हैं तथा भारत में आगामी एटीएमपी युनिट्स के लिए कारोबार के अवसर उत्पन्न करने में सक्षम हैं।
पिछले 3 दशकों में भारतीय इलेक्ट्रोनिक्स ब्राण्ड्स एवं प्रोडक्ट्स में लगातार गिरावट आई है। आज बहुत कम ऐसे भारतीय ब्राण्ड और प्रोडक्ट हैं जो उच्च-वॉल्युम इलेक्ट्रोनिक्स प्रोडक्ट कैटेगरी में आते हैं। आज 180 बिलियन डॉलर के बाज़ार में ‘‘भारतीय’ प्रोडक्ट्स और ब्राण्ड्स का मार्केट शेयर 10 फीसदी से भी कम है।
फाउन्डेशन के बारे में बात करते हुए अर्जुन मल्होत्रा, सह-चेयरमैन, एपिक फाउन्डेशन ने कहा, ‘‘एपिक फाउन्डेशन में हम भारतीय इलेक्ट्रोनिक प्रोडक्ट्स और ब्राण्ड्स की खोई महिमा को वापस लाना चाहते हैं। उद्योग, अकादमिक एवं सरकार जगत के सहयोग तथा अनूठे दृष्टिकोण के साथ हमें विश्वास है कि हम भारत को इलेक्ट्रोनिक्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का मिशन ज़रूर हासिल कर लेंगे।’
साझेदारों के लिए सशक्त प्रणाली के निर्माण हेतु, एपिक फाउन्डेशन ने दिल्ली में इलेक्ट्रोनिक्स सिटी की स्थापना के लिए दिल्ली सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए हैं और फाडन्डेशन इलेक्ट्रोनिक्स प्रोडक्ट डिज़ाइन एवं मैनुफैक्चरिंग सिस्टम के निर्माण के लिए अन्य राज्यों के साथ भी काम कर रहा है। अकादमिक जगत के साथ मजबूत साझेदारियां भी ज़रूरी है, इसी के मद्देनज़र एपिक फाउन्डेशन ने आईआईटी कानपुर और आईआईटी मद्रास के साथ भी समझौता ज्ञापन किए हैं। उद्योग जगत के साथ साझेदारियां भी इलेक्ट्रोनिक्स एवं सेमीकंडक्टर सिस्टम का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इलेक्ट्रोनिक्स एवं सेमीकंडक्टर डोमेन के मुख्य संगठन, IESA, ELCINA, MAIT, ESSCI, ELCOMA एपिक फाउन्डेशन के मिशन को समर्थन दे रहे हैं।
डॉ सत्या गुप्ता, सीईओ, एपिक फाउन्डेशन ने कहा, ‘‘हमने स्वदेशी डिज़ाइन एवं निर्माण के साथ भारतीय इलेक्ट्रोनिक्स प्रोडक्ट्स एवं ब्राण्ड्स के पुनरूत्थान के दृष्टिकोण से फाउन्डेशन की स्थापना की। एजुकेशन टैबलेट प्रोजेक्ट और एलईडी चिप प्रोजेट मेरे दिल के बेहद करीब हैं। क्योंकि इनमें से एक प्रोजेक्ट 1.3 बिलियन भारतीयों के सामाजिक सशक्तीकरण को सुनिश्चित करेगा, वहीं दूसरा प्रोजेक्ट भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को पूरा करने में योगदान देगा। यह देखकर अच्छा लगता है कि एपिक फाउन्डेशन को दुनिया भर से समर्थन मिल रहा है।’
एपिक फाउन्डेशन सभी दिव्यांगजनों सहित नागरिकों के लिए एक समान सुविधाओं की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है। यहां तक कि एपिक का लोगो भी ब्रेल लिपी में लिखा गया है। लॉन्च समारोह के दौरान एपिक फाउन्डेशन ने ब्लाइंड सोसाइटी ऑफ इंडिया और डेफ सोसाइटी फॉर वुमेन को 20 आकाश गंगा टैबलेट दान में दिए।