नई दिल्ली,मई, 2022:स्किल इंडिया मिशन के लिए प्रतिबद्ध, अपैरल मेड-अप होम फर्निशिंग सेक्टर स्किल काउंसिल ने अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी फंड से नेशनल स्किल डेवलपमेंट फंड को 51 लाख रुपए का फंड डोनेट किया है। इस फंड से भारत के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के साथ सशक्त बनाया जाएगा।
अपैरल मेड-अप होम फर्निशिंग सेक्टर स्किल काउंसिल के अध्यक्ष श्री प्रेमल उदानी ने कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालयके सेक्रेटरी श्री राजेश अग्रवाल, को श्री वेद मणि तिवारी, सीओओ और ऑफिशिएटिंग सीईओ, एनएसडीसी और अपैरल मेड-अप होम फर्निशिंग सेक्टर स्किल काउंसिल के सीईओ डॉ. रूपक वशिष्ठ की उपस्थिति में चेक प्रदान किया। इस फंड का उपयोग स्किलिंग इकोसिस्टम के कैपेसिटी बिल्डिंग में किया जाएगा।
भारत में सीएसआर के अंतर्गत शिक्षा और कौशल विकास तेजी से पसंदीदा विकल्प के रूप में उभर रहा है। सीएसआर फंड का योजनाबद्ध तरीके से उपयोग करके, कंपनियाँ न केवल स्किल इंडिया मिशन को बढ़ावा दे सकती हैं, बल्कि एक मजबूत लेबर मार्केट बनाकर स्किल इंडिया और लाखों लोगों की आजीविका पर भी बड़ा प्रभाव डाल सकती हैं। सीएसआर फंड कौशल विकास वैल्यू चैन, कैपेसिटी बिल्डिंग और मैनेजरियल सपोर्ट में वित्तीय रूप से सहायक गतिविधियों द्वारा कौशल विकास पहलों को बढ़ाने में भी योगदान दे सकता है।
अपैरल मेड-अप होम फर्निशिंग सेक्टर स्किल काउंसिल के निर्णय की सराहना करते हुए, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) के सेक्रेटरी श्री राजेश अग्रवाल ने कहा, “मैं इस डोनेशन के लिए अपैरल मेड-अप होम फर्निशिंग सेक्टर स्किल काउंसिल के अध्यक्ष श्री प्रेमल उदानी और अपैरल मेड-अप होम फर्निशिंग सेक्टर स्किल काउंसिल के मैनेजमेंट का आभार व्यक्त करता हूं। मुझे विश्वास है कि इस तरह के योगदान से स्किल सेक्टर का विस्तार करने और कौशलविकास के सेक्टरों की सूची में नए रास्ते जोड़ने में मदद मिलेगी। कौशलविकास के प्रयासों को और अधिक समावेशी बनाने में कॉर्पोरेट क्षेत्र का सहयोग बड़ी भूमिका निभा सकता है ताकि स्किल डिवाइड को कम किया जा सके। कंपनियों के पास रिसोर्सिज़, इंफ्रास्ट्रक्चर, मशीनरी और विशेषज्ञता है जो देश में कौशल विकास के प्रयासों को बढ़ाने में सहयोग कर सकते हैं। मैं इस अवसर पर अधिक से अधिक संगठनों से आगे आने, स्किल-बिल्डिंग एक्टिविटिज़ में शामिल होने और स्किल इंडिया मिशन को मजबूत करने में मदद करने का आग्रह करता हूं।
अपैरल मेड-अप होम फर्निशिंग सेक्टर स्किल काउंसिल के अध्यक्ष श्री प्रेमल उदानी ने कहा, “भारत में चलाए जा रहे स्किल डेवलपमेंट मिशन के लक्ष्य को प्राप्त करने और गुणवत्ता एवं स्थिरता को बनाए रखने के इतने बड़े कार्य को देखते हुए, हमने महसूस किया है कि कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय हमारे सीएसआर दायित्वों को पूरा करने के लिए एक आदर्श विकल्प होगा। एमएसडीई के पास देश के युवाओं को कुशल बनाने की दिशा में व्यापक विशेषज्ञता और एक फोक्सड विज़न है। हम समझते हैं कि देश के स्थायी आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका है और वर्कफोर्स को कुशल बनाने में हमारे द्वारा किया गया निवेश एक मजबूत बिज़नेस केस को बढ़ावा देगा। यह निवेश एक वाइब्रेंट और स्किल्ड लेबर मार्केट विकसित करके उद्योगों के लिए विन-विन सिचुएशन पैदा करता है और हमारी सामाजिक जिम्मेदारी के उद्देश्य को भी पूरा करता है। कौशल विकास में योगदान देना हमारे भविष्य में निवेश करना है।”
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के तहत, देश के युवाओं के लिए अधिकतम नौकरियों की व्यवस्था करके, अपैरल मेड-अप होम फर्निशिंग सेक्टर स्किल काउंसिल सबसे बड़ी सेक्टर स्किल काउंसिल रही है। दिसंबर 2013 में अपनी स्थापना के बाद से, अपैरल मेड-अप होम फर्निशिंग सेक्टर स्किल काउंसिल ने उद्योग के लिए 45 क्वालिफिकेशन पैक विकसित किए हैं और अपैरल सेक्टर में लगभग 12 लाख लोगों को प्रमाणित करने में सक्षम है। अपैरल मेड-अप होम फर्निशिंग सेक्टर स्किल काउंसिल की प्रमुख विशेषताओं में से एक यह है कि विभिन्न क्षेत्रों की उद्योगों की मांगों के आधार पर प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करना और यह सुनिश्चित करना कि सभी सफल प्रशिक्षुओं को एक मान्यता प्राप्त असेसमेंट एजेंसी के माध्यम से प्रमाणित किया गया है।