आज दिनांक : 31/10/202 बासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् ( नैक ) द्वारा किये गए निरीक्षण में 3.72 स्कोर के साथ ए डबल प्लस ग्रेड प्राप्त हुआ है। बीबीएयू में गत 9-11 अक्टूबर तक नैक टीम द्वारा विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न पहलुओं का निरीक्षण किया गया, जिसमें अकादमिक खेल, शोध एवं अनुसंधान, उपलब्धियों, शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक गतिविधियां शामिल है। विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य संजय सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय क प्लस ग्रेड के साथ प्रदेश का पहला केंद्रीय विश्वविद्यालय बन चुका है। इससे पूर्व 2014 में विश्वविद्यालय ने एक प् किया था। नैक निरीक्षण एवं मूल्यांकन में विश्वविद्यालय ने क्षेत्रों में निम्नलिखित सीजीपीए ( संचयी ग्रेड प्वाइंट औसत) 7
प्राप्त किया है-
(1) पाठ्यचर्चा संबंधी पहलू मैं 04 सीजीपीए –
(2) शिक्षण अधिगम एवं मूल्यांकन में 3.6 सीजीपीए
(3 ) अनुसंधान, नवाचार और विस्तार में 3.73 सीजीपीए 4) बुनियादी ढांचा और सीखने के संसाधन में 35 सीजीपीए
( (5) छात्र सहायता और प्रगति में 3.44 सीजीपीए
6) शासन, नेतृत्व और प्रबंधन में 3.42 सीजीपीए
( (7) संस्थागत मूल्य और सर्वोत्तम प्रथाएं में – 3.96 सीजीपीए
बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना 14 अप्रैल 1989 को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारातत्कालीन प्रधानमंत्री स्व० श्री राजीव गाँधी एवं तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व० श्री एन० डी० तिवारी के नेतृत्व में हुई थी। वर्तमान में विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न विषयों से संबंधित 10 विद्यापीठ, 1 इंस्टीट्यूट, 43 विभाग एवं 3 सेंटर संचालित किये जाते हैं।
इसके अंतर्गत 19 यूजी प्रोग्राम 47 पीजी प्रोग्राम एवं 26 पीएचडी प्रोग्राम का संचालन भी विश्वविद्यालय द्वारा किया जाता है। विश्वविद्यालय को विभिन्न श्रेणियों में कई सर्टिफिकेट भी प्राप्त है, जिसमें मुख्य रूप से विश्वविद्यालय श्रेणी में 42वी एनआईआरएफ रैंकिंग, नैक ए डबल प्लस ग्रेड, ग्रीन सर्टिफिकेट ऊर्जा प्रबंधन एवं पर्यावरणीय प्रबंधन में विशेष सर्टिफिकेट प्राप्त होना शामिल है।
विश्वविद्यालय द्वारा शोध एवं अनुसंधान संबंधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से लगातार प्रतिभाग किया जाता रहा है। नैक मुल्यॉकन के अवधि में विश्वविद्यालय के पास लगभग कुल 2907 पब्लिकेशन, 38910 साइटेशन्स, 83 एच इंडेक्स, 1034 किताबें एवं अध्याय 54 पेटेंट एवं 3.27 प्रति शिक्षक प्रतिवर्ष पब्लिकेशन रहे हैं।
राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नक) टीम के सदस्यों द्वारा विश्वविद्यालय की उपलब्धियों एवं विश्वविद्यालय की ओर शैक्षणिक क्षेत्रों में उठाये गए महत्वपूर्ण कदमों की काफी सराहना की गयी। सन् 2019-20 में जहाँ विश्वविद्यालय में प्रवेश हेतु आवेदन फार्म की कुल संख्या 10499 थीं. वही सन् 2023 -24 में यह बढ़कर 874759 हो गई। विश्वविद्यालय स्तर पर बीबीएयू के विधि विभाग ने देश भर में 10वीं फार्मेसी विभाग ने 20वीं एवं प्रबंधन विभाग ने 76वीं रैंक हासिल की है। प्रथम नैक निरीक्षण की तुलना में इस बार नेक निरीक्षण अवधि में विश्वविद्यालय में शोध प्रोजेक्टस की संख्या 45 से बढ़कर 70 एवं पब्लिकेशन्स की संख्या 456 से बढ़कर 1230 हो गई। वर्तमान में बीबीएयू में 28 प्रदेशों एवं 5 देशों के विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे है। विश्वविद्यालय में ही राज्यों, 2 केंद्र शासित पूर्ण सुव्यवस्थित इनोवेशन इकोसिस्टम है। शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय द्वारा कई ढंग के सकारात्मक प्रयास किये है, जिसके माध्यम से विश्वविद्यालय की एक अलग छवि बनी है। इसमें अनुसूचित जाति एवं जनजाति को 50 फीसदी आरक्षण प्रदान करना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को विश्वविद्यालय में लागू किया जाना एवं उच्च स्तर की प्रयोगशालाएं स्थापित करने का कार्य किया जाता है विदि में रेशम पालन एवं प्रत्येक बुधवार को नो व्हीकल डे मनाने जैसे कार्य भी शामिल है।
प्रोफेसर राम चंद्रा ने कहा नैक द्वारा ए डबल प्लस ग्रेड मिलने के पश्चात विश्वविद्यालय ने भविष्य में कई महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है, जिससे विश्वविद्यालय शिक्षा में एक नये प्रगति पथ पर आगे बढ़ सके। विश्वविद्यालय को पूरा विश्वास है कि अपने निरंतर कार्य एवं प्रयास के द्वारा यह अपने सभी महत्वाकांक्षी लक्ष्य को निधारित करके उसे प्राप्त करने में सफल होगा और शिक्षा के क्षेत्र में एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त करते हुए देश और समाज की सेवा कार्य को और भी बेहतर ढंग से करेगा।