नई दिल्ली फरवरी 2026: उधार लेने में बड़ा बदलाव: अब इमरजेंसी के लिए उधार लेने की पुरानी सोच से हटकर, ग्राहक पर्सनल लोन का इस्तेमाल अलग-अलग ज़रूरतों के लिए कर रहे हैं — जैसे प्रॉपर्टी, एजुकेशन, ट्रैवल, हेल्थकेयर और यहाँ तक कि लाइफस्टाइल से जुड़ी ज़रूरतों के लिए भी
भारत में पर्सनल लोन को लेकर सोच अब बदल रही है। पहले इन्हें सिर्फ़ मुश्किल या इमरजेंसी के समय से जोड़ा जाता था, लेकिन आज एक नया और ज्यादा समझदार उधारकर्ता वर्ग सामने आ रहा है। यह बदलाव खासतौर पर उन लोगों में दिख रहा है जिनकी आय स्थिर है, नियमित सैलरी आती है और जो वर्षों से अनुशासन के साथ बचत और निवेश करते आ रहे हैं।
कोविड के बाद जो सबसे बड़ा बदलाव आया, वह उनकी निवेश करने की क्षमता में नहीं, बल्कि “निवेश” की उनकी परिभाषा में था। कई लोगों को यह एहसास हुआ कि वे अपने भविष्य के लिए तो सही फैसले ले रहे थे, लेकिन अनजाने में उन्होंने अपनी सेहत, मानसिक शांति और जीवन की गुणवत्ता में निवेश को टाल दिया था। तेज़ रफ्तार कामकाजी जीवन और बढ़ते तनाव के बीच अब वेलनेस, सेल्फ-केयर और बेहतर जीवनशैली को लग्ज़री नहीं, बल्कि ज़रूरत के तौर पर देखा जाने लगा है।
इस सोच के साथ आज के उधारकर्ता ज़्यादा स्पष्टता और उद्देश्य के साथ खर्च कर रहे हैं। वे लंबे समय से टले हुए लक्ष्यों—जैसे वेलनेस, शिक्षा, जीवन के खास अनुभव, घर से जुड़ी सुविधाएं और व्यक्तिगत आकांक्षाएं—को प्राथमिकता दे रहे हैं। सबसे अहम बात यह है कि वे इन जरूरतों के लिए अपनी मेहनत से बनाए गए लंबे समय के निवेश को तोड़ना नहीं चाहते। वे ईएमआई चुकाने में सक्षम हैं और चाहते हैं कि उनकी SIP, निवेश पोर्टफोलियो और रिटायरमेंट प्लान बिना रुकावट आगे बढ़ते रहें।
यहीं पर्सनल लोन एक व्यावहारिक समाधान बनकर उभरता है। तय और अनुमानित ईएमआई से आज की ज़रूरतें पूरी होती हैं, जबकि लंबी अवधि का निवेश अनुशासन बना रहता है। इस तरह पर्सनल लोन को लेकर “सपने पूरे करने के लिए लिया गया कर्ज़” वाली पुरानी सोच बदल रही है। आज के कई उधारकर्ता पहले से ही निवेशक हैं—वे अपनी संपत्ति बनाने की यात्रा को रोके बिना, अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए क्रेडिट का समझदारी से इस्तेमाल कर रहे हैं।
इस ट्रेंड के पीछे एक व्यावहारिक और जिम्मेदारी भरी सोच है। कई ग्राहक नहीं चाहते कि छोटी-मोटी जरूरतों के लिए अपनी लंबी अवधि की बचत या निवेश को भुनाएं, क्योंकि इससे कंपाउंडिंग रुक सकती है, भविष्य के रिटर्न कम हो सकते हैं और कभी-कभी टैक्स का असर भी पड़ता है। इसके बजाय, एक तय ईएमआई उन्हें तुरंत जरूरत पूरी करने की सुविधा देती है, जबकि एसआईपी, शेयर होल्डिंग और रिटायरमेंट प्लान बिना बाधा चलते रहते हैं।
शहरों में यह मानसिकता अलग-अलग जरूरतों के रूप में सामने आ रही है। कहीं यह सेहत और तंदुरूस्ती से जुड़ी है, कहीं जीवन के अहम पड़ावों से, और अब तेजी से उन एसेट्स को बनाने से भी, जिन्हें लोग लंबे समय से चाहते थे। ग्राहक पर्सनल लोन का इस्तेमाल तब कर रहे हैं जब समय सबसे ज्यादा मायने रखता है—और साथ ही अपनी लंबी अवधि की वित्तीय योजना को सुरक्षित भी रख रहे हैं।
उधार लेने के पैटर्न से पता चलता है कि इस्तेमाल के कई सुनियोजित और विविध उद्देश्य हैं, जिनमें शामिल हैं: आज पर्सनल लोन का इस्तेमाल सिर्फ़ खर्च के लिए नहीं, बल्कि “लाइफ इन्वेस्टमेंट्स” के लिए किया जा रहा है। इसमें अनुभव-आधारित ट्रैवल, प्रकृति और मानसिक शांति पर केंद्रित वेलनेस रिट्रीट, और लंबे समय से टाले गए सेल्फ-केयर विकल्प जैसे डर्मेटोलॉजी या हेयर रेस्टोरेशन शामिल हैं। इसके साथ-साथ शिक्षा और अप-स्किलिंग, घर की मरम्मत सुधार और रेनोवेशन, और उन मौकों पर सोच-समझकर खर्च बढ़ रहा है जहां समय बेहद अहम होता है—जैसे शादियां, पारिवारिक ज़िम्मेदारियां और खास उत्सव।
पर्सनल लोन का इस्तेमाल रोज़मर्रा के वित्तीय प्रबंधन में भी बढ़ा है। कई ग्राहक इन्हें डेट कंसॉलिडेशन के लिए चुनते हैं, जिससे अलग-अलग भुगतानों को एक तय ईएमआई में बदला जा सके और बेहतर नियंत्रण मिल सके। कुछ लोग वाहन से जुड़े फंडिंग गैप या जरूरी अपग्रेड के लिए इनका सहारा लेते हैं। वहीं एक बढ़ता हुआ वर्ग पर्सनल लोन का इस्तेमाल जानबूझकर अपने क्रेडिट प्रोफाइल को मजबूत करने के लिए कर रहा है, ताकि भविष्य में बेहतर शर्तों पर फाइनेंस मिल सके।
उधारकर्ता अब यह भी समझने लगे हैं कि जरूरी फैसलों को टालने की भी एक कीमत होती है—चाहे वह घर से जुड़े सुधार हों या बढ़ते तनाव के बीच खुद की देखभाल। ऐसे में पर्सनल लोन आज की जरूरतों और कल के लक्ष्यों के बीच संतुलन बनाने का एक जिम्मेदार तरीका बन गया है।
आत्मविश्वास क्यों बढ़ रहा है– पर्सनल लोन को समझना और प्लान करना अब आसान हो गया है: लोन की शर्तें और लागत अधिक स्पष्ट और पारदर्शी हैं, डिस्बर्सल तेज़ और आसानी से उपलब्ध हैं, ईएमआई स्ट्रक्चर को बजट में फिट करना सरल है , डिजिटल प्रक्रियाएं ग्राहकों को अपनी शर्तों पर प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा देती है।
अमित पाठक, बिज़नेस हेड – पर्सनल लोन, कोटक महिंद्रा बैंक ने कहा, “हम एक स्पष्ट और आत्मविश्वास भरा बदलाव देख रहे हैं। अच्छी आय और अनुशासित निवेश करने वाले ग्राहक अब पर्सनल लोन का इस्तेमाल अपने महत्वपूर्ण लक्ष्यों—जैसे सेहत, जीवन के खास अनुभव और लंबे समय से टले सपनों—को पूरा करने के लिए कर रहे हैं। वे ऐसा करते हुए अपनी लंबी अवधि की बचत या निवेश को तोड़ना नहीं चाहते। कोविड के बाद कई लोगों ने सेल्फ-केयर और व्यक्तिगत आकांक्षाओं को लग्ज़री नहीं, बल्कि ज़रूरत के रूप में देखना शुरू किया है। पर्सनल लोन उन्हें आज बेहतर जीवन जीने और भविष्य की योजना को सुरक्षित रखने में मदद कर रहे हैं।”