जैन श्वेतांबर तेरापंथी महासभा के अध्यक्ष बने महेंद्र नाहटा

नई दिल्ली, 4 फरवरी 2026
तेरापंथ धर्मसंघ की सर्वोच्च एवं शिरोमणि संस्था श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी महासभा की साधारण सभा हाल ही में युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी के सान्निध्य में छोटी खाटू (राजस्थान) में संपन्न हुई। इस अवसर पर वर्ष 2026-28 के लिए महासभा की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें प्रसिद्ध उद्योगपति, सामाजिक चिंतक एवं संघनिष्ठ व्यक्तित्व श्री महेंद्र नाहटा को सर्वसम्मति से अध्यक्ष निर्वाचित किया गया।
इस अवसर पर महासभा की नवीन कार्यकारिणी एवं न्यासी मंडल का भी गठन किया गया। श्री सुरेशचंद गोयल (कोलकाता) को प्रधान न्यासी चुना गया। न्यासी मंडल में संजय सुराणा (सूरत), जसराज मालू (दिल्ली), कमलकिशोर ललवानी (कोलकाता), नरेंद्र नखत (इरोड), बाबूलाल बोथरा (कोलकाता), नगराज बरमेचा (कोलकाता), शुभकरण बोथरा (दिल्ली), नरेंद्र पोरवाल (अहमदाबाद), मुकेश बाफना (चेन्नई), दिनेश बांठिया (बेंगलुरु) एवं आशीष जैन (फरीदाबाद) को न्यासी एवं किशनलाल डागलिया (मुंबई), अरविंद संचेती (अहमदाबाद) तथा सुरेंद्र जैन (भिवानी) को पंचमंडल सदस्य निर्वाचित किया गया। महासभा के महामंत्री पद का दायित्व विनोद बैद (कोलकाता) को सौंपा गया।
नई कार्यकारिणी को दायित्व हस्तांतरण समारोह 8 फरवरी 2026 को कोलकाता स्थित श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी महासभा के प्रधान कार्यालय में आयोजित किया जाएगा। पूर्व अध्यक्ष श्री मनसुखलाल सेठिया अपने दायित्व का हस्तांतरण नव मनोनीत अध्यक्ष श्री महेंद्र नाहटा को करेंगे। अपने मनोनयन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अध्यक्ष श्री महेंद्र नाहटा ने इसे आचार्य श्री तुलसी, आचार्य श्री महाप्रज्ञजी एवं वर्तमान आचार्य श्री महाश्रमणजी की अनुकंपा और आशीर्वाद का प्रतिफल बताया। उन्होंने कहा कि तेरापंथी महासभा तेरापंथ समाज की अग्रणी संस्था है, यह आचार्य तुलसी के उदात्त एवं मानवतावादी पुरुषार्थ की प्रतीक है। आज जैन समाज में तेरापंथ समाज जिस ऊंचाई पर स्थित है उसमें इस संस्था की जनकल्याणकारी प्रवृत्तियां, संप्रदायमुक्त एवं मानवता के अभ्युदय की योजना और नई पीढ़ी के संस्कार निर्माण की परिकल्पना मुख्य है। आगामी कार्यकाल में इसकी बहुआयामी समाज एवं संस्कार निर्माण की गतिविधियों को व्यापक, प्रभावी और समाजोपयोगी स्वरूप देने का सतत प्रयास किया जाएगा।
सरदारशहर निवासी एवं दिल्ली प्रवासी श्री महेंद्र नाहटा वर्ष 2027 एवं 2028 में आचार्य श्री महाश्रमण के दिल्ली प्रवास के लिए गठित प्रवास व्यवस्था समिति के स्वागताध्यक्ष हैं। श्री नाहटा ने अपने व्यावसायिक जीवन में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं, वहीं तेरापंथ धर्मसंघ में अपनी संघनिष्ठा, गुरुभक्ति, सरलता, नेतृत्व क्षमता, सहयोगी भावना और आध्यात्मिक दृष्टि के बल पर एक विशिष्ट पहचान बनाई है। उनकी संवेदनशील कार्यशैली, संगठन कुशलता, मैत्री भावना और दूरदर्शी सोच से तेरापंथ समाज को नई दिशा और नया मुकाम मिलने की व्यापक अपेक्षा व्यक्त की जा रही है।
(ललित गर्ग)
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