मुंबई, फरवरी, 2026: भारत के अग्रणी रियल एस्टेट डेवलपर्स में से एक सत्वा ग्रुप ने छह रेज़िडेन्शियल एवं कमर्शियल डेवलपमेन्ट प्रोजेक्ट्स के साथमुंबई मेट्रोपोलिटन क्षेत्र (एमएमआर) में प्रवेश की घोषणा की है, ये परियोजनाएं 8 मिलियन वर्गफीट से ज़्यादा कन्स्ट्रक्शन एरिया में फैली हैं। प्रतिस्पर्धीमूल्यांकन के द्वारा सौंपी गई ये परियोजनाएं परेल (सेवरी), प्रभादेवी, गोरेगांव ईस्ट, विले पार्ले वेस्ट, पवई और बान्द्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) केआस-पास के इलाकों में मौजूद हैं।
इन छह परियोजनाओं के साथ सत्वा ग्रुप 2500 से अधिक रीहेबिलिटेशन घर और 2000 से अधिक नए बने घर डिलीवर करेगा। इस पोर्टफोलियो कानिर्माण कार्य 2026 में शुरू होगा और 2032 तक जारी रहेगा, उम्मीद है कि पहले प्रोजेक्ट की डिलीवरी 2028 तक दे दी जाएगी। एक अनुमान केअनुसार परियोजनाओं का ग्रॉस डेवलपमेन्ट वैल्यू लगभग रु 11,000 करोड़ होगा।
एमएमआर में कंपनी का प्रवेश ऐसे समय में हुआ है, जब मुंबई संरचनात्मक नवीनीकरण के दौर से गुज़र रहा है, जहां 16,000 से अधिक पुरानी इमारतोंको फिर से विकसित कर सुरक्षा, योजना एवं सस्टेनेबिलिटी के मानकों के अनुरूप बनाने की ज़रूरत है।
उम्मीद है कि डेवलपमेन्ट कंट्रोल एंड प्रमोशन रेग्युलेशन 2034 में आगामी सुधारों से स्लम रीहेबिलिटेशन ऑथोरिटी, महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरियाडेवलपमेन्ट ऑथोरिटी और सोसाइटी-लैड मॉडल्स में रीडेवलपमेन्ट की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा, जिसके चलते तकनीकी रूप से सक्षम एवंआर्थिक दृष्टि से अनुशासन बरतने वाले डेवलपर्स की मांग बढ़ेगी।
सत्वा के मुंबई पोर्टफोलियो की बात करें तो कई मानकों वाले मूल्यांकन के द्वारा इसमें विनियामक स्पष्टता, इंजीनियरिंग व्यवहारिकता, पर्यावरण केप्रति ज़िम्मेदारी, लाईफसायकल असेट परफोर्मेन्स एवं हितधारकों की सक्रियता को सुनिश्चित किया गया है। पिछले साल के दौरान ग्रुप ने मुख्यरीडेवलपमेन्ट माइक्रो-मार्केट्स में बुनियादी स्तर पर गहन विशेषाता हासिल की है, तथा स्थानीय विनियमों के साथ तालमेल बनाते हुए दक्षता एवंप्रभाविता के साथ परियोजनाओं को अंजाम दिया है।
इस नए विकास पर बात करते हुए बिजय अग्रवाल, मैनेजिंग डायरेक्टर, सत्वा ग्रुप ने कहा, ‘‘मुंबई में बड़ी संख्या में ऐसी इमारतें हैं जिन्हें उचितयोजनानुसार सुरक्षित एवं भविष्य के लिए तैयार घरों में बदलने की ज़रूरत है, जिसके चलते शहर नवीनीकरण के दौर में प्रवेश कर रहा है। इसरीडेवलपमेन्ट के लिए स्पष्टता, अनुशासन और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता की ज़रूरत है। पिछले तीन दशकों में ये मूल्य सत्वा के विकास के आधार रहे हैं।तकनीकी रूप से सशक्त परियोजनाओं को समय पर डिलीवर करने की अपनी विरासत को आगे बढ़ाते हुए हमने मुंबई में प्रवेश किया है। हमें उम्मीद हैकि हम शहर में विकास के अगले दशक में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।’’
रीडेवलपमेन्ट के इस दृष्टिकोण के साथ, सत्वा ग्रुप की मुंबई परियोजनाओं में सुरक्षा, पारदर्शिता और दीर्घकालिक स्थायित्व पर आधारितरीहेबिलिटेशन-डनमुख दृष्टिकोण अपनाया गया है। मौजूदा निवासियों को अपग्रेडेड सुविधाएं, बेहतर सुरक्षा प्रणाली और संरचित बदलाव का अनुभवमिलेगा, रीडेवलपमेन्ट की पूरी प्रक्रिया निर्धारित टीमों की देखरेख में होगी।
परियोजनाओं के प्रबन्धन पर इंजीनियरिंग आधारित डिज़ाइन को महत्व देने वाले इस ग्रुप का मुंबई में प्रवेश शहरी विकास के लिए इनके अनुशासितदृष्टिकोण को दर्शाता है। ग्रुप पुराने घरों के नवीनीकरण के साथ शहर को अधिक सुरक्षित, प्रत्यास्थ एवं भविष्य के लिए तैयार शहर बनाने में योगदान देनेके लिए तत्पर है।