मुजफ्फरपुर. शहर निवासी हिंदी व बज्जिका की साहित्यकार डॉ भावना को बज्जिका साहित्य लेखन व संवर्धन के लिये बज्जि रत्न सम्मान व उनकी मां शांति कुमारी को मरणोपरात बज्जि रत्न शाश्व सम्मान से सम्मानित किया गया. हाजीपुर के जयप्रकाश इवनिंग इंटर कॉलेज के सभागार में कविवर उमाकांत वर्मा जन्म शताब्दी समारोह समिति की ओर से आयोजित समारोह में उच्च न्यायालय, पटना के न्यायमूर्ति राजकुमार ने डॉ भावना को दोनों सम्मान प्रदान किया. अध्यक्षता समारोह समिति के अध्यक्ष संजय वर्मा ने की, जबकि संचालन अखौरी चंद्रशेखर ने किया. डॉ शांति कुमारी की बज्जिका-पुस्तक बज्जिका लोककथा साहित्य काफी चर्चित रही है, वहीं डॉ भावना का बज्जिका कविता-संग्रह हम्मर लेहू तोहर देह और बज्जिका उपन्यास लाडो के प्रकाशन ने भी साहित्यकारों का ध्यान आकृष्ट किया है.डॉ भावना को मिला बज्जि रत्न सम्मान
मुजफ्फरपुर. शहर निवासी हिंदी व बज्जिका की साहित्यकार डॉ भावना को बज्जिका साहित्य लेखन व संवर्धन के लिये बज्जि रत्न सम्मान व उनकी मां शांति कुमारी को मरणोपरात बज्जि रत्न शाश्व सम्मान से सम्मानित किया गया. हाजीपुर के जयप्रकाश इवनिंग इंटर कॉलेज के सभागार में कविवर उमाकांत वर्मा जन्म शताब्दी समारोह समिति की ओर से आयोजित समारोह में उच्च न्यायालय, पटना के न्यायमूर्ति राजकुमार ने डॉ भावना को दोनों सम्मान प्रदान किया. अध्यक्षता समारोह समिति के अध्यक्ष संजय वर्मा ने की, जबकि संचालन अखौरी चंद्रशेखर ने किया. डॉ शांति कुमारी की बज्जिका-पुस्तक बज्जिका लोककथा साहित्य काफी चर्चित रही है, वहीं डॉ भावना का बज्जिका कविता-संग्रह हम्मर लेहू तोहर देह और बज्जिका उपन्यास लाडो के प्रकाशन ने भी साहित्यकारों का ध्यान आकृष्ट किया है.