स्थानीय थियोसाफिकल लौज के सभागार में आयोजित बज्जिका विकास मंच की पत्रिका बज्जिका लोक तथा ज्वाला सांध्यपुष्प के बज्जिका ग़ज़लों के संग्रह ” अइसने हिआं तिजारत हए का लोकार्पण समवेत किया गया।
अध्यक्षता मंच अध्यक्ष और प्रधान संपादक चितरंजन सिन्हा कनक ने की तथा साहित्यकारों का स्वागत और विषय प्रवेश डा शारदाचरण ने किया। डा बिनोद कुमार सिन्हा ने बज्जिका लोक की निरंतरता और स्तरीयता का उल्लेख किया । साथ ही ज्वाला सांध्यपुष्प की ग़ज़ल गोई की व्याख्या की। पत्रिका के संपादक एवं अध्यक्ष ने यह घोषणा की कि बज्जिका लोक का अगला शीघ्र ही प्रकाश्य अंक समालोचना अंक होगा जिसका दायित्व डॉ शादरचरण को दिया गया। प्रबंध संपादक अमिताभ कुमार सिन्हा ने आधुनिक बज्जिका साहित्यकार स के प्रतिनिधि रचना भाग 4 के प्रकाशन की सूचना दी तथा कहा कि नौ रचनाकारों की सहमति मिल गई हैं।
महाकवि अवधेश्वर अरुण बज्जिका शिखर सम्मान से सम्मान समारोह 2025 में अनुपलब्ध डॉ शारदाचरण को आज के समारोह में डॉ अवधेश्वर अरुण के पुत्र प्रो ( डॉ) रणवीर राजन द्वारा अध्यक्ष के माध्यम से उक्त सम्मान से सम्मानित किया गया। हाजीपुर में आयोजित डॉ उमाकांत वर्मा शताब्दी समारोह में नहीं जा पाने दिवंगत साहित्यकार डॉ योगेंद्र प्रसाद सिंह एवं रामानंद सिंह के वंशज को रामनरेश शर्मा, विद्या चौधरी, अखौरी चंद्रशेखर ने अध्यक्ष के माध्यम से सम्मानित कराया।
कार्यक्रम में दरभंगा से डॉ सतीश चंद्र भगत, ई राणा ब्रजेश , पटना से रामनरेश शर्मा, डॉ विद्या चौधरी, डॉ मायनंद, हाजीपुर से अखौरी चंद्रशेखर, सुरेन्द्र मानपुरी, रविन्द्र कुमार रतन, समस्तीपुर से ज्वालसांध्यपुष्प, मुजफ्फरपुर से रणवीर राजन, सविता राज, डा विनोद कुमार सिन्हा, प्रेम कुमार वर्मा, हरि किशोर सिंह, पुष्पा गुप्ता, उमाशंकर प्रसाद चौरसिया, डा विरेंद्र कुमार मल्लिक, सुरेश शर्मा, रितेश कुमार आदि ने विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन व धन्यवाद ज्ञापन प्रबन्ध संपादक अमिताभ कुमार सिन्हा ने किया।