कोलकाता, 15 अक्टूबर 2026: भारत में जन्मा मशहूर मैंगो ड्रिंक माज़ा® इस पूजो पर ‘माज़ा आमोंत्रोण’ लेकर आया है। इसके जरिए ब्रांड बंगाल की आमोंत्रोण यानी न्योते की परंपरा को नए अंदाज में सामने ला रहा है। बंगाल में शुभ मौकों पर घरों के दरवाजे आम के पत्तों के तोरण से सजते हैं। इसी तोरण से प्रेरणा लेकर पूजो उत्सव के बीच एक खास इंस्टॉलेशन लगाया गया है, जो अपनों के घर लौटने की खुशी और मेहमाननवाजी का जश्न मनाता है।
बंगाली घरों में आम के पत्तों से बने तोरण को आम्र पल्लव कहा जाता है। इसे शुभ शुरुआत का प्रतीक माना जाता है और यह घर आने वाले हर व्यक्ति के प्रति गर्मजोशी भरे स्वागत को भी दिखाता है। घर-घर में निभाई जाने वाली इसी रस्म से प्रेरित होकर माज़ा ने पारंपरिक तोरण को उत्सव के एक प्रवेश द्वार की शक्ल दी है। इस तरह आम से जुड़ी ब्रांड की पहचान बंगाल की संस्कृति में गहराई से रची-बसी एक परंपरा के साथ जुड़ गई है।
माज़ा आमोंत्रोण के तहत यह इंस्टॉलेशन 14 से 20 अक्टूबर 2026 तक दमदम तरुण दल में देखा जा सकता है। घर की चौखट पर सजने वाला आम के पत्तों का तोरण अब सार्वजनिक उत्सव का हिस्सा बना है। लोग बंगाल की अपनी इस जानी-पहचानी परंपरा को यहां एक बिल्कुल नए माहौल में देख और महसूस कर सकेंगे।
इस पहल में त्योहार की सजावट को लेकर भी खास सोच दिखती है। माज़ा ने अपने तोरण ऐसी सामग्री से बनाए हैं, जो बाद में खाद में बदल जाती है। इससे यह इंस्टॉलेशन बंगाल की परंपराओं का उत्सव मनाने के साथ-साथ त्योहार के बाद पर्यावरण का भी खयाल रखता है।
कोका-कोला इंडिया और साउथवेस्ट एशिया की सीनियर डायरेक्टर, मार्केटिंग – न्यूट्रिशन, सुनैनिका सिंह ने कहा, “पूजो में घर लौटने की खुशी है, सबके साथ मिलकर उत्सव मनाने का भाव है और वह अपनापन है, जिससे बंगाल हर किसी का स्वागत करता है। आम के पत्तों का तोरण इसी भावना की सुंदर झलक है। यह शुभ शुरुआत का प्रतीक है और घर आने वाले हर व्यक्ति के लिए न्योता भी। माज़ा आमोंत्रोण के जरिए हम इस परंपरा को पूजो के बड़े उत्सव तक ले जाना चाहते थे। हमने यह भी तलाशा कि पर्यावरण के अनुकूल नई सामग्री को त्योहार के अनुभव का हिस्सा कैसे बनाया जाए, और यह भी सोचा कि उत्सव खत्म होने के बाद इंस्टॉलेशन का क्या होगा।”
स्वागत के इस भाव को इंस्टॉलेशन से आगे बढ़ाते हुए माज़ा पश्चिम बंगाल के एक प्रमुख क्षेत्रीय अखबार में पूरे पन्ने का निमंत्रण भी देगा। इसके जरिए राज्य भर के पाठकों को पूजो उत्सव में शामिल होने का न्योता दिया जाएगा।