अजमेर के पत्रकारों-साहित्यकारों की लेखन विधाएं

भाग इक्कीस

उमेश चौरसिया
श्री उमेश कुमार चौरसिया
अजमेर के साहित्य जगत व रंगकर्मीय पटल पर सर्वाधिक सक्रिय व ऊर्जावान हस्ताक्षरों में से एक हैं श्री उमेश कुमार चौरसिया। साहित्य को समर्पित यह शख्स न केवल अपनी सुवास बिखेर रहा है, अपितु नवोदित लेखकों को भी पल्लवित व पुष्पित करने में जुटा हुआ है। पिछले कुछ वर्षों में शायद ही कोई ऐसा दिन बीता हो, जबकि वे किसी न किसी साहित्यिक गतिविधि से न जुड़े हों।
कहते हैं न कि विद्या ददाति विनयम, ठीक उसी को चरितार्थ करती है उनके चेहरे पर पसरी विनम्रता। व्यवहार की सरलता, सहजता आपको तनिक भी अहसास नहीं होने देती कि भीतर एक गंभीर चिंतक व सृजनधर्मी का निवास है।
वे पेशे से राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में सहायक अनुभाग अधिकारी हैं और नौकरी से बचा सारा समय साहित्य की सेवा को समर्पित किए हुए हैं।
उनकी प्रकाशित पुस्तकों का विवरण इस प्रकार है:-
नाट्य कृतियां (21)- सिराध रो दिन (राजस्थानी हास्य एकांकी संग्रह), देशभक्ति नाटक (सुभाषचन्द्र बोस व कबीर पर दो नाटक)-दो संस्करण, प्रेरक बाल एकांकी, चीं-चीं चिडिय़ा, गोलू बंदर, ऐतिहासिक वीर बालकों के नाटक, ऐतिहासिक बाल एकांकी, विद्यालय रंगमंच के देशभक्तिपूर्ण नाटक-दो संस्करण, बापू की बाल पोथी, अतिथि देवो भव (हास्य एकांकी संग्रह), पड़ोसन (रवीन्द्रनाथ टैगोर की कहानियों पर आधारित चार नाटक), नरेन्द्र से विवेकानन्द (स्वामी विवेकानन्द के प्रेरक जीवनपर आधारित द्विअंकी नाटक), विद्यालय रंगमंच के देशभक्तिपूर्ण नाटक (राज्यस्तर पर पुरस्कृत परिवद्र्धित संस्करण), विवेकी नरेन्द्र (विवेकानन्द के बाल व युवा जीवन प्रसंगों पर दो नाटक), असली सुगन्ध (दस बाल नाटक), सूर्यपुत्र कर्ण (राजस्थानी पूर्णांकी नाटक जवाहर कला केन्द्र से प्रकाशित), शौर्य प्रधान नाटक (शौर्यगाथाओं पर आधारित पांच नाटक, राज्यस्तर पर पुरस्कृत), इदं राष्ट्राय (युवा प्रेरक नाटक), विद्यालयी बाल नाटक (19 प्रेरक लघु बाल नाटक), मेधावी नरेन्द्र (विवेकानन्द के बाल जीवन पर प्रेरक बाल नाटक), गुल्ली डंडा (प्रेमचन्द की कथाओं से प्रेरित पांच बाल नाटक)
संपादित कृतियां (5)-मेरी युवा दृष्टि – गांधी, उज्ज्वल भारत का भविष्य-विवेकानन्द, रवीन्द्रनाथ ठाकुर के बाल नाटक, विवेकानन्द की कथाएं, धर्म-स्वामी विवेकानन्द की दृष्टि में,
अन्य कृतियां (5)- बच्चों के प्रेरक-बापू, मंगल-प्रभात (बापू के एकादश व्रत), निवेदिता-एक समर्पित जीवन (दो संस्करण), विवेकानन्द के 10 सूत्र (जीवन सफलता के लिए), प्रेरणा-दीप (प्रेरक जीवनियां)
बाल उपन्यास (1)- मैं विवेकानन्द हूं, शैक्षणिक (1) – कला एवं सौंदर्यबोध शिक्षा : नवाचार और अनुप्रयोग(सहलेखन)
वे सरस्वती सभा राजस्थान साहित्य अकादमी के पूर्व सदस्य, नाट्य विशेषज्ञ समिति, राजस्थान संगीत नाटक अकादमी के पूर्व सदस्य, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार से पंजीकृत नाट्य लेखक व निर्देषक, राजस्थान संगीत नाटक अकादमी एवं एन.सी.ई.आर.टी. से मान्य नाट्य निर्देशक और नाट्यवृंद थिएटर अकादमी (नाट्य विधा प्रशिक्षण व व्यक्तित्व उन्नयन को समर्पित) के निदेषक हैं।
उनकी प्रमुख विधा नाटक लेखन है, साथ ही निर्देषन, अभिनय तथा जनोपयोगी लघु फिल्म निर्माण में भी सतत सक्रिय हैं। उनकी अन्य विधाओं में बाल साहित्य, लघुकथा, सामयिक आलेख, आलोचना-समीक्षा, कविता, गीत, व्यंग्य आदि हैं। हिन्दी के अतिरिक्त उनकी पकड़ राजस्थानी भाषा पर भी है।

पुरस्कार, सम्मान व अन्य उपलब्धियां:-
1. राजस्थान साहित्य अकादमी द्वारा 2011-12 में राज्य स्तरीय शंभूदयाल सक्सेना बाल साहित्यकार पुरस्कार एवं 2018 में नाटक विधा का देवीलाल सामर पुरस्कार, भा. दे. सेवा न्यास लखनऊ द्वारा 2005 में रंगमंच व नाट्य विधा हेतु अखिल भारतीय युवा साहित्यकार सम्मान।
2. एनसीईआरटी नई दिल्ली की उच्च प्राथमिक व माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान को खेल व कला विधाओं के माध्यम से समझने हेतु हैंडबुक तैयार करने वाली समिति में 2015-16 में तथा राजस्थान सरकार द्वारा नैतिक शिक्षा एवं व्यक्तित्व विकास संबंधी प्रस्ताव हेतु गठित समिति में 2014-15 में सदस्य के रूप में कार्य।
3. स्वच्छता पर बनाई लघु फिल्म भोजनावकाश 2017 में राष्ट्रीय स्तर पर एनसीईआरटी द्वारा चयनित। आडियो नाट्य प्रोग्राम गंगा की पुकार को एनसीईआरटी द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ कृति का पुरस्कार-2018। चार नाटक राजस्थान राज्य स्तर पर पुरस्कृत। 2008 में नाटक नन्हीं हवा को सम्पूर्ण राज्य में प्रथम पुरस्कार।

-तेजवानी गिरधर
7742067000

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