-इतिहास के प्रमाणिक तथ्यों से छेड़छाड़-
-संसद में नियम 377 के तहत उठाया मामला-
राजसमन्द। सांसद और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामन्त्री हरिओम सिंह राठौड़ ने टेलीविजन पर प्रसारित होने वाले धारावाहिक महाराणा प्रताप को इतिहास में प्रमाणित घटनाओं से परे बताते हुए इसके खिलाफ संसद में मामला उठाया हे। भाजपा मीडिया सेल जिला संयोजक मधुप्रकाश लड्ढा ने बताया की सांसद राठौड़ ने गुरुवार को लोकसभा में नियम 377 के तहत टेलीविजन पर प्रसारित होने वाले धारावाहिक महाराणा प्रताप को तुरंत बन्द करने की मांग करते हुए कहा की प्रसारित हो रहे धारावाहिक में महाराणा प्रताप के जीवन में जो घटनाएं घटित हुई उन्हें तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत किया जा रहा हे, जेसे महाराणा प्रताप का अक़बर से मिलना व मित्रता का भाव प्रकट करना जबकि ऐतिहासिक प्रमाणों के अनुसार प्रताप अपने जीवन काल में कभी भी अक़बर से नही मिले और न ही कभी उनमे मित्रता हुई। राठौड़ ने कहा की प्रातः स्मरणीय महाराणा प्रताप की जन्म भूमि और कर्म भूमि मेरे संसदीय क्षेत्र का अभिन्न अंग हे और ऐसे में मनगढंत प्रसारण मेरे और मेरे क्षेत्र की जनता के साथ पुरे राष्ट्र के लिए शर्मनाक हे। राठौड़ ने कहा की इतिहास को गलत ढंग से प्रस्तुत करने से महाराणा प्रताप को अपना आदर्श मानने वाले लोगों का मन आहत हो रहा हे। राठौड़ ने सदन के माध्यम से केंद्र सरकार से अनुरोध किया की प्रमाणों की कसौटी पर कसते हुए इतिहास को गलत ढंग से प्रस्तुत करने वाले इस धारावाहिक को तुरंत बन्द किया जाय।