जयपुर, 13 अप्रेल। जलदाय मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी ने कहा कि गर्मी के महीनों में होने वाली जल समस्याओं के निस्तारण के लिए विभाग ने व्यापक स्तर पर तैयारी कर ली है। आमजन को किसी भी स्तर पर पेयजल की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।
श्रीमती माहेश्वरी ने बुधवार को कहा कि आम जन को गर्मी के मौसम में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कन्टेंजेंसी प्लान तैयार कर लिया है। इसके तहत एक अप्रेल से विभाग ने ग्रामीण क्षेत्र के 108 गांव और ढाणियों को टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है। आगामी महीनों में 13 हजार 977 गांव/ढाणियों तक जल पहुंचाया जा सकेगा। पिछले साल केवल 6 हजार 514 गांवों तक ही टैंकरों द्वारा पानी पहुंचाया गया था। इसी तरह 7 शहरी क्षेत्रों में शहरों में टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है पीक सीजन में 89 शहरों को जलापूर्ति करने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पेयजल की भारी कमी है। बारिश भी पिछले सालों के मुकाबले काफी कम हुई है। भूजल स्तर भी तेजी से नीचे गिर रहा है। इन सबके बावजूद सरकार आमजन को शुद्ध जल उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। कहीं भी पेयजल की कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य के 222 शहरों में विभाग जलापूर्ति करता है। उनमें से केवल एक मकराना ऐसा शहर है जहां 168 घंटों के अंतराल में पानी की सप्लाई हो रही है। सिवाना, सोजत रोड, बालोतरा और दौसा शहर में 96 घंटों के अंतराल में जलापूर्ति हो रही है। 20 शहरों में 72 घंटों के अंतराल में और 63 शहरों में एक दिन छोड़कर एक दिन जलापूर्ति की जा रही है, वहीं 134 शहरों में प्रतिदिन पानी दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भीलवाड़ा में विभाग वाॅटर ट्रेन के जरिए पेयजल उपलब्ध करवाया रहा है। इस मद में 8.23 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पानी के संकट को टालने के लिए सौर ऊर्जा से संचालित एक हजार सिंगल फेज बोरवैल किए जाएंगे। साथ ही जरूरत और जल की उपलब्धता के आधार पर आगामी तीन महीनों में 1300 हैंडपंप भी खोदे जाएंगे।
उन्होंने कहा कि कन्टीन्जेंसी प्लान के लिए 19 फरवरी को राज्य स्तरीय बैठक की गई थी, जिसमें पेयजल व्यवस्था की पूर्व तैयारी, पानी के अवैध कनेक्शनों पर कार्यवाही, स्वीकृत कार्यों की समीक्षा, प्रस्तावित कार्यों की स्वीकृति, समस्याग्रस्त क्षेत्र को चिन्हित कर उनका समाधान करना, जल गुणवत्ता की जांच, जरूरत और मांग के अनुसार आरओ प्लांट और सोलर प्लांट लगाना, अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण और क्षेत्रों में रात्रि विश्राम जैसे विषयों पर चर्चा की गई थी।
जलदाय मंत्री ने कहा कि गर्मी को देखते हुए 40वां हैंडपंप रिपेयरिंग अभियान 1 अप्रेल से शुरू कर दिया गया है ताकि पेयजल की कोई कमी नहीं रहे। उन्होंने कहा कि गंावों में टैंकरों द्वारा जलापूर्ति के लिए 16 करोड़ और शहरी क्षेत्रों के लिए 18 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी।