परवन परियोजना को लेकर भाया ने की आठवी जन-जागरण पदयात्रा

जन विरोधी भाजपा सरकार पर बरसे भाया
नवीं बार फिर किए निर्माण कार्य के टेंडर स्थगित

प्रमोद भाया
प्रमोद भाया
(फ़िरोज़ खान) बारां 10 सितम्बर। स्वीकृतशुदा परवन वृहद सिंचाई परियोजना तीन जिलों के किसानों की संजीवनी है। इससे हजारों किसान परिवारों, आमजन एवं व्यापारी भाईयों का भविष्य जुडा हुआ है। इस परियोजना को लेकर हमारा निरतंर संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक मौके पर इसका निर्माण कार्य प्रारंभ नही होगा। यह वक्तव्य राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री प्रमोद भाया ने शनिवार को तहसील अटरू के ग्राम सोलाहेडी से रवाना हुई अपनी आठवी जन-जागरण पदयात्रा के दौरान कहे। पदयात्रा के दौरान सैकड़ो किसानों, कांग्रेसजनों ने भाग लिया।

पदयात्रा के दौरान प्रमोद भाया ने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधराराजे एवं सासंद श्री दुष्यंत सिंह ने लोकसभा चुनाव मई 2014 के दौरान कहा था कि चुनाव समाप्त होते ही एक-दो माह में परवन पूर्ण प्राथमिकता से परियोजना का कार्य प्रांरभ करवाएंगें। दोनों मां-बेटे के द्वारा कही गई बात को 27 माह गुजर जाने के उपरांत भी आज तक निर्माण कार्य प्रांरभ नही हुआ है। इसके पश्चात माह जून 2016 में सांसद श्री दुष्यंत सिंह एवं सिंचाई मंत्री डाॅ. रामप्रताप द्वारा प्रस्तावित बांध स्थल का अवलोकन करने के उपरान्त दोनों के द्वारा कहा गया था कि माह दिसम्बर 2016 तक बहुप्रतीक्षित परवन वृहद सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। गत 06 सितम्बर को मिनी सचिवालय बारां में आयोजित बैठक के दौरान सांसद श्री दुष्यंत सिंह एवं प्रभारी मंत्री श्री बाबूलाल वर्मा की उपस्थिति में अधिकारियों ने जानकारी दी गई कि परवन परियोजना का कार्य अब मार्च 2017 तक ही शुरू हो पाएगा। परवन परियोजना के बारे में भाजपा मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधराराजे, सांसद श्री दुष्यंत सिंह एवं इनके मंत्रियों द्वारा बार-बार गलत बयानबाजी कर जनता को गुमराह किए जाने से यह सिद्व होता है कि इनकी कथनी और करनी में अंतर है तथा परवन के प्रति इनके कार्यप्रणाली व नियत साफ नही है।

भाया ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान स्वीकृतशुदा परवन वृहद सिंचाई परियोजना के टनल एवं बांध निर्माण के लिए टेण्डर जारी किए गए थे, उन टेण्डरों को भाजपा सरकार द्वारा सत्ता में आने के बाद राजनैतिक द्वेषता के कारण निरस्त कर पुनः उन्हीं टेण्डरों के लिए 32 महीने के कार्यकाल में 9 बार निविदाएं आमन्त्रित की जाकर लगातार नवी बार 24 अगस्त 2016 को एक बार फिर स्थगित कर दिया गया है। उन्होनें कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती राजे, सांसद श्री दुष्यंत सिंह एवं भाजपा सरकार जान-बूझकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लटकाए रखना चाहती है तथा परवन परियोजना के निर्माण कार्य को लेकर इनकी नियत साफ नही है। भाया ने कहा कि जब तक मौके पर परवन वृहद सिंचाई परियोजना का टनल एवं बांध निर्माण का कार्य प्रारंभ नही हो जाता, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
पूर्व मंत्री भाया ने कहा कि भाजपा सरकार पर बरसते हुए कहा कि भाजपा शासन में विकास कार्य बंद है। कांग्रेस शासन के दौरान स्वीकृत कार्यो को राजनैतिक द्वेषतावश पिछले 32 महीनों से रोके रखा गया तथा अब इनमें से कुछ काम प्रांरभ करवाए गए है। गंावों में हजारों स्कूलों को बंद कर दिया गया है। कानून व्यवस्था की स्थिति बदहाल है। बेरोजगारों को रोजगार नहीं दिया जा रहा है। भाया ने कहा कि शक्कर, खाद्य तेल, बेसन एवं दालों के भाव आसमान छू रहे हैं। रोडवेज ने दो साल में दो बार किराया बढ़ा दिया है एवं बिजली के बिलों में बढोतरी कर दी है तथा एक बार फिर बिजली के बिलों में बेतहाशा वृद्वि करने जा रही है। उन्होनें कहा कि किसानों को कांगे्रस शासन में प्राकृतिक आपदाओं के समय सरकार के द्वारा समय-समय पर भारत सरकार के मापदण्डानुसार मुआवजा प्रदान किया जाता था परंतु इस 32 माह की सामंतशाही, भ्रष्टाचारी सरकार ने प्राकृतिक आपदा से खराब हुई फसलों का एक साल गुजरने के उपरांत भी उचित मुआवजा अभी तक किसान भाईयों को नही दिया गया है एवं मुआवजा वितरण में भेदभाव किया जा रहा है। देशवासियों को भूखा नही सोना पडे इसके लिए कांग्रेस शासन के दौरान सरकार खाद्य सुरक्षा गारण्टी अधिनियम लागू किया जाकर लाखों करोड़ों परिवारों को इस योजना के तहत खाद्यान्न उपलब्ध करवाया गया। इस योजना के तहत लाभान्वितो को भाजपा सरकार द्वारा वंचित कर दिया गया है जिसके कारण बाजार से गरीब परिवार को महंगी दर पर खाद्यान्न खरीदना पड़ रहा है। राशन वितरण की व्यवस्था पूरी तरह असफल हो गई है जिसके कारण डीलरों के यहां पर जाने पर उपभोक्ताओं को खाद्यान्न नहीं दिया जाकर खाली हाथ वापस लौटाया जा रहा है।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष पानाचंद मेघवाल ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान परवन वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 2360 करोड़ रूपए के बजट की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति जारी हुई थी जिसे राजस्थान की भाजपा सरकार ने अन्य मदों में उपयोग किया एवं परवन बांध निर्माण के लिए कभी वन विभाग की स्वीकृति तो कभी वन विभाग में पैसा जमा कराने तो कभी गांवों को अन्यत्र स्थानांतरित करने का बहाना बनाकर निविदाओं पर किसी प्रकार की कार्यवाही नही हो रही हैं तथा किसान भाईयों एवं जिलेवासियों में गलतफहमी पैदा कर रहे हैं। कांग्रेस शासन के दौरान इन सब कार्यो का पैसा उपलब्ध था परंतु परियोजना के निर्माण में अभी तक 32 महीने तक विलंब करने से कोई नही कह सकता कि परवन परियोजना का निर्माण कब प्रारंभ होगा। इसके लिए जिले के मतदाताओं, किसान भाईयों एवं जनप्रतिनिधियों को अपनी शक्ति दिखाकर सरकार पर दबाव बनाने की सख्त आवश्यकता है।

इन गांवों में की पदयात्रा- जिला महासचिव कैलाश जैन ने बताया कि भाया द्वारा स्वीकृतशुदा परवन वृहद सिंचाई परियोजना के कार्यो को चालू करवाने की मांग को लेकर आज तहसील अटरू के ग्राम सोलाहेडी से जन-जागरण पदयात्रा प्रारंभ कर ग्राम आमापुरा, सींधनी, लोलाहेडी होतु हुए हानीहेडा तक की। इस पदयात्रा के दौरान जैसे-जैसे भाया का कारंवा गांवों की ओर बढता गया वैसे-वैसे बडी संख्या में पीडित किसान व ग्रामीण इस पदयात्रा से जुडते गए। पदयात्रा का गांवों में ग्रामीणों द्वारा उत्साहपूर्वक भव्य स्वागत किया गया।

यह रहे पदयात्रा के दौरान उपस्थित-परवन वृहद सिंचाई परियोजना के कार्य को प्रांरभ किए जाने की मांग को लेकर आयोजित जन-जागरण पदयात्रा में झालावाड नगर परिषद सभापति मनीष शुक्ला, पूर्व जिलाध्यक्ष रघुराज सिंह हाडा, पीसीसी सदस्य कैलाश शर्मा, हंसराज मीना उदपुरिया, मंडी अध्यक्ष प्रदीप काबरा, प्रधान अजयसिंह, सेवाराम मीना, ब्लाॅक अध्यक्ष अशोक मीना, रामचरण मेहता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रकाशचंद नागर, जयप्रकाश मीना, एसटी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष हंसराज मीना बामली, कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष शिवराज सिंह, विनोद चोपडा, डाॅ अमृत मीना, जगदीश सुंवालका, महेन्द्र चैधरी, महासचिव राजेन्द्र सिंह, सिद्वार्थ नागर, मोहनलाल कामड, हेमंत शर्मा, चैथमल छंदक, सरपंच कौशल राठौर, चितरंजन पाठक, सचिव मूलचंद शर्मा, हीरालाल मेघवाल, हरिश मीना, राजेन्द्र मीना, पुरूषोत्तम शर्मा, गिर्राज नागर, प्रमोद जैन टीटू, लोकसभा अध्यक्ष धर्मराज मेहरा, रामस्वरूप मीना छत्रपुरा, रामस्वरूप बैरवा, मनोज नागर, असगर अली, विनोद मेहरा, ललित गालव, मुर्तजा अली, प्रदीप मेहता, देवकरण नागर, भूपेन्द्र दाधीच, डेनिस डेनियल, पुष्पेन्द्र सिंह, नेमीचंद नागर, घांसीलाल बैरवा, सुरेन्द्र मेहता, निर्मल नागर सहित लगभग एक हजार की संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

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