सेवामें
श्रीमान जिला कलेक्टर महोदय
कार्यालय, बाड़मेर (राज.)
विषय:- शराब की दुकान को परिवर्तित कराने हेतू।
मान्यवरजी
उपरोक्त विषयान्तर्गत निवेदन एक ग्रामवासी मौखाब, पुलिस थाना षिव, बाड़मेर की ओर से निवेदन इस प्रकार से हैं कि:-
1. यह कि सरकारी शराब की दुकान, जो वर्तमान में मौखाब गांव के बीचो बीच में स्थित हैं जहां से हजारों जातरू, जो रामदेवरा जाते हैं के रास्तें में स्थित होने से वहां शराबी शरारतियों द्वारा, मेले जाते जातरूओं यथा जिनमें विषेष कर महिला जातरूओं के लिए परेषानी पैदा करते हैं यथा शराबी हालत में अपशब्द, गालीगलोच करना तथा अन्य घृष्टि हरकते करने से, जातरूओं के लिए मंदिर दर्षन हेतु रूकने तथा वहां सोने व बैठने में अव्यवस्था फैलती है।
2. यह कि उक्त शराब के ठेके के स्थान को लेकर, कई बार ग्रामीण मौखाब के लोग पुलिस थाने षिव के समक्ष पेष हुए, तो थानाधिकारी ने कहा कि ’’उक्त शराब की दुकान नहीं बदलेगी, चाहे जातरूक अपना रास्ता बदल दें, यथा मंदिर रहे या नहीं रहे, परन्तु शराब का मंदिर तो वहीं रहेगा, जहां पूर्व में खुला था।
3. यह कि शराब के ठेके पर विभिन्न प्रकार के शराबों एव ंबीयरों की विभिन्न क्वालिटियों के दाम भी, उचित मूल्य की तुलना में कहीं अधिक वसूल किया जाता है। यथा 100 रू. की बोतल के 150, 130, 125, 140, 145 इत्यादि प्रकार से कीमत को वसूला जाता हैं।
4. यह कि ग्रामीणों द्वारा षिकायत करने पर श्री धन्नापुरीजी प्रायः यह कर, प्रत्येक व्यक्ति को टरका देते हैं कि जो षिकायत लाएगा, उसे अंदर कर दूंगा। अर्थात विभिन्न तरह के उल्लाहने देकर, वहां से हर किसी परिवादी को भगा दिया जाता है। उनके कहनेअनुसार शराब की दुकान प्रायः रात्रि को 1ः00 बजे तक खुली रखी जाएगी, कोई भी नेता या पदाधिकारी इसे बंद नहीं कर सकेगा, चाहे कार्यवाही कहीं भी क्यों न करा दो।
निवेदक समस्त ग्रामवासी