भीलवाडा, 3 अक्टूबर। आमजन को आपातकालीन स्थिति में बेहतर एम्बुलेंस सेवाएं देने के लिए देश में अपनी तरह के पहले नवाचार जीवनवाहिनी एम्बुलेंस सेवा के सकारात्मक परिणाम अब जिले में सामने आने लगे हैं। गत 15 अगस्त से आमजन के लिए शुरु की गई एकीकृत एम्बुलेंस सेवा जीवनवाहिनी लोगों के जीवन का सहारा बन रही है। मरीजों की लाईफ लाइन बनी इस सेवा ने प्रदेश में शुरुआत के डेढ़ माह में ही अपनी अलग पहचान बना ली है। दूर गांव-ढाणी में बैठा व्यक्ति भी 104 या 108 पर काॅल कर बीमार और दुर्घटना होने पर घायल व्यक्ति का उपचार करवाने के लिए समय पर चिकित्सा संस्थान पहुंच रहे हैं और व्यक्ति के जीवन को बचाने का कार्य जीवन वाहिनी द्वारा बखूबी किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. जे.सी. जीनगर ने बताया कि राज्य में प्रति वर्ष होने वाली मौतों का एक प्रमुख कारण मरीजों का चिकित्सा संस्थान पर पहुंचने में देरी होना रहा है। राज्य में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में पीडित व्यक्ति को यदि शुरुआती घण्टे में चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो जाती है जिसे ‘गोल्डन आॅवर’ भी कहा जाता है, तो मरीज की जान बचने की सम्भावनाएं कई गुना बढ़ जाती है। जीवनवाहिनी एकीकृत एम्बुलेंस सेवा के राजस्थान में शुरु होने के बाद घायल और अति गम्भीर व्यक्ति को अब समय पर एम्बुलेंस सेवा मिल सकेगी, क्योंकि इससे पहले 108 जननी एक्सप्रेस, बेस एंबुलेंस और 108 एम्बुलेंस के सेवा प्रदाता अलग-अलग होने से तीनों सेवाओं का आपस में कोई तारतम्य नही होता था यानि अगर कही बड़ी दुर्घटना हो जाती थी, तो तीनों सेवाओं का एकसाथ पहुंच कर डैमेज कण्ट्रोल करना सम्भव नहीं होता था, परन्तु अब किसी भी आपातकालीन स्थिति में तीनों प्रकार की एम्बुलेंस घटनास्थल पर पहुंच कर घायलों को शीघ्र ही अस्पताल पहुंचाने का कार्य कर रही है। राजस्थान के इस नवाचार की प्रशंसा देशभर में हो रही है और अन्य राज्यों के द्वारा भी इसकी जानकारी के लिए दल राजस्थान में भेजे जा रहे हैं। जिले में 21 आपातकालीन 108-एम्बुलेंस, 21 जननी एक्सप्रेस एवं 9 बेस एम्बुलेंस सहित कुल 51 एम्बुलेंस जरूरतमंद लोगों को आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध करा लाभान्वित कर रही है।
क्या है एकीकृत एंबुलेंस सेवा- राजस्थान में इससे पहले तक 108 एंबुलेंस सेवा, 104 जननी एक्सप्रेस सेवा, बेस एम्बुलेंस और 104 काॅल सेंटर की सेवाएं और इनके सेवा प्रदाता अलग-अलग हुआ करते थे, परन्तु 15 अगस्त, 2016 से राजस्थान सरकार ने इन सभी सेवाओं को एक ही सेवा प्रदाता कम्पनी से करार कर जीवनवाहिनी एकीकृत एम्बुलेंस सेवा की शुरूआत की है, जिससे इसका संचालन बेहतर हो रहा है और प्रत्येक काॅल पर तुरन्त एम्बुलेंस पहुंचकर घायल और प्रसूताओं को अस्पताल तक पहंुचा रही है। अब प्रसूता को अस्पताल तक लेकर जाने के लिए और आपातकालीन सेवाओं के लिये अलग-अलग नम्बर पर फोन करके एम्बुलेंस बुलवाने की जरूरत नहीं है। राज्य में कोई भी व्यक्ति 108 या 104 नम्बर पर फोन करके एम्बुलेंस सुविधा प्राप्त कर सकता है। अब नहीं चलेगा बहाना-आपातकालीन स्थिति में मरीज को एम्बुलेंस सेवा समय पर उपलब्ध करवाने में अब कोई बहाना नहीं चलेगा। चिकित्सा विभाग द्वारा इस बार इसकी माॅनिटरिंग के लिए साॅफ्टवेयर, जीपीएस सिस्टम और मोबाइल एप की टैक्नोलाॅजी का सहारा लेकर सेवाओं का आमजन तक तय समय और तय प्रोटोकाॅल में पहुचना सुनिश्चित कर दिया है। इस बार विभाग द्वारा प्रत्येक काॅल की रिकाॅर्डिंग को सुनने और उसकी माॅनिटरिंग कर पेनल्टी काटने का प्रावधान किया गया है, जिससे आम आदमी को प्रत्येक वैघ काॅल पर सेवाएं मिलना तय है।
आज़ाद नेब
ब्यूरो चीफ़ भीलवाड़ा