कच्ची बस्ती के बच्चों के जीवन में रंग भरेगी ’’सच्ची दिवाली’’

दीपावली से पहले मिला खुशियों का पैकेज

bhilwara-newsआज़ाद नेब / भीलवाड़ा, 22 अक्टूबर। हरिया, गोपू, कान्हा, राहूल बंजारा, सरिता को कोई नये कपडे दे रहा था तो कोई मिठाई का पैकेट। कोई चाॅकलेट, तो कोई गिफ्ट हेम्पर। कोई उनके लिये खिलौने लाया था तो कोई लंच बाॅक्स। किसी संस्था ने उन बच्चों को हेल्थ किट प्रदान किए तो किसी ने वाटर बोतल। भीलवाडा शहर की झुग्गी -झोंपडियों तथा कच्ची बस्ती में रहने वाले गरीब, बेसहारा तथा असहाय ये बच्चे दीपावली से पहले ढेर सारे उपहार पाकर निहाल हो रहे थे। वास्तव में तो आज ही उनकी ’’सच्ची दिवाली’’ मन चुकी हेै।
झुग्गी-झोंपडी तथा कच्ची बस्ती में रहने वाले बच्चों द्वारा बनाई गई एक से बढकर एक पेन्टिंग को खरीदने के लिये लोगों में होड मची थी। शहर के गणमान्य लोग अच्छी कीमत देकर गरीब बच्चों की पेन्टिंग्स को खरीदना चाहते थे। क्योंकि इसके पीछे गरीब बच्चों की मदद का भाव छिपा था।
मौेका था भीलवाडा के सूचना केन्द्र में आयोजित स्थानीय चित्राकारों की ’’अंकन कला संस्थान’’ द्वारा झुग्गी-झोंपडी और कच्ची बस्ती वाले बच्चों के लिए आयोजित की गई ’’सच्ची दिवाली’’ चित्रा प्रदर्शनी का । जिला कलक्टर डाॅ. टीना कुमार, जिला पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर आनन्दी लाल वैष्णव सहित लायन्स क्लब एवं विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के पदाधिकारी ’’सच्ची दिवाली’’ चित्रा प्रदर्शनी के साक्षी बनें। उन्होंने बच्चों के साथ दीप प्रज्जवलन कर बच्चों की चित्रा प्रदर्शनी का शुभारंभ भी किया।
’’सच्ची दिवाली’’ चित्रा प्रदर्शनी उन बच्चों द्वारा बनाये गये चित्रों की प्रदर्शनी थी जो उन्होंने अंकन कला संस्थान के साथ विगत एक माह तक चली कार्यशाला में बनाये थे। अंकन कला संस्थान के 8 वरिष्ठ और नवोदित चित्राकारों ने चित्राकार के.जी. कदम के निर्देशन में इन बच्चों की उत्सुकता को शांत करने तथा उनके जीवन को एक नई दिशा प्रदान करने के लिये भीलवाडा शहर के एक पार्क में 80 बच्चों के साथ एक माह तक कडी मेहनत की, उनका मार्गदर्शन किया तथा रंग और कागज उपलब्ध कराये। आज ये बच्चे चित्रों और रंगों से मोहब्बत करने लगे हैं तथा चित्राकारी को अपनी जिन्दगी का ध्येय मानने लगे हेंैं।
कच्ची उम्र के झुग्गी-झोंपडियों में रहने वाले शहर के 100 बच्चों ने 400 पेन्टिंग्स बनाई थी जिसमें से 100 पेन्टिंग्स का चयन कर उन्हें ’’सच्ची दिवाली’’ चित्रा प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया था। लोगों के उत्साह को देखते हुए लग रहा था कि सभी चित्रों की हाथोंहाथ बिक्री हो जायेगी तथा बच्चों से और चित्रा बनवाने की आवश्यकता होगी।
मदद को बढे हाथ-लगी उपहारों की झडीः
नेक काम के लिये हर समय आगे रहने वाले भीलवाडा के उद्योगपति, स्वयंसेवी संस्थायें, गणमान्य जन तथा आम नागरिकों ने गरीब-बेसहारा बच्चों की मदद के लिये अपार उत्साह दिखाया। उनकी पेन्टिंग्स तो हाथों-हाथ बिकी ही उनके लिये उपहारों की झडी भी लग गई।
लायन्स क्लब पद्मिनी, राउण्ड टेबल लेडीज क्लब, कृष्णा हाॅस्पीटल, धारीवाल ब्लड बैंक की अध्यक्षा स्नेहलता धारीवाल, नगर परिषद की पूर्व सभापति श्रीमती मधू जाजू, कृष्णा राठी की और से भी बच्चों को अलग अलग उपहारों की घोषणा की गई।

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