बाड़मेर
सिवाना के कई गाँवो में जीरे की फसल मौसमी प्रकोप से खराब हो गई है जिसकी गिरदावरी की मांग सिवाना प्रधान गरिमा राजपुरोहित ने की है। सिवाना प्रधान गरिमा राजपुरोहित ने बताया कि सिवाना के लुदराडा और अर्जियाणा गांव समेत कई गाँवो के किसान के लिए गिरदावरी की मांग की है। सिवाना में बारिश किसानों के लिए कहर बनकर टूटी है। खेतों में खड़ी या पड़ी जीरे की फसल को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। पिछले दिनों हुई बारिश से ईसबगोल और सरसों की फसल भी बर्बादी के कगार पर है। सबसे खास बात यह है कि इस समय बारिश की कल्पना किसी ने भी नहीं की थी और किसान खेतों में फसल काटने में जुटे हुए थे। जिन्होंने फसल काट ली थी, वह खेतों से उठा भी नहीं पाए थे कि बारिश कहर बनकर टूट पड़ी। जीरे और ईसबगोल में पानी लगते ही फसल खराब हो जाती है। जीरा काला पड़ जाता है और फिर उसके दाम किसानों को नहीं मिलते। सिवाना प्रधान ने जिला प्रशासन से किसानों को राहत देने के कदम बढ़ाने की अपील की है।