खनन माफियो व ट्रेक्टर संचालको और ट्रेक्टरो पर कार्यवाही करने में वन विभाग नाकाम

20170519_160426फ़िरोज़ खान
बारां 19 मई । मुंडियर वन नाका क्षेत्र में पिछले कई दिनो से चल रहे अवैध खनन के बाद खननकर्ता व ट्रेक्टर समेत संचालको पर कार्यवाही करने मे नाकाम साबित हो रहा है। जिससे वन खनन माफियो के हौसलो को बढ़ावा मिल रहा है। दीवानसिंह, नरेश, दौलत, का कहना है, ट्रेक्टर संचालक खनन कर पत्थर लाकर माफिया वन भूमि से खनन कर उचित दामो में गांवो मे बेचान कर रहे है। इसकी जानकारी वन विभाग के कर्मचारियो व अधिकारियो के देने के बाद भी अनजान बने हुए है। और न ही अवैध खनन करने वालो ट्रेक्टर संचालको पर कार्यवाही हो रही है। इसके चलते चलते खननकर्ता व पत्थर बेचने वाले संचालको के खिलाफ कार्यवाही नही हो रही है। जिससे उनके हौसले बुलंद हो रहे है। वन सुरक्षा समिति के सदस्यों का कहना है की वन क्षेत्र में हो रहे पत्थरो के खनन से वनभूमि की सूरत बिगड रही है, और पर्यावरण पर भी विपरीत असर हो रहा है। वन सुरक्षा समिति के सदस्यों ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर खननकर्ता व ट्रेक्टर संचालको के खिलाफ कार्यवाही की मांग भी की और अब तक कई बार अधिकारियो को अवगत करवाया उसके बाद भी वन विभाग ने आज तक कोई कार्यवाही नही की।

आदिवासियो को को घटते जंगल से खतरा

राजस्थान में शाहबाद क्षेत्र मे सर्वाधिक सहरिया, भील आदिवासियो की सर्वाधिक संख्या मानी जाती है। जिससे की कई आदिवासी परिवार जंगलो से महुआ, आबला, बहेड़ा आदि लघु वन उपज लाकर बाजारों में बेच अपनी अजिविका का संचालन कर रहे है, वही खनन से घट रहे जंगल के चलते आदिवासी परिवारो के ऊपर अजिविका संचालन पर परेशानी होने का अंदेशा बना है।

घटते जंगल से जंगली जानवर भी गांवो ओर हाईवे पर आकर अपनी मौत का शिकार हो जाते है, या फिर शिकार की कमी मे गांवो मे आकर लोगो पर हमला करते है। वन विभाग ने समय रहते ध्यान नही दिया तो जंगल क्षेत्र मैदानो मे बदल जायेंगे और जंगली जानवर चारा पानी के लिए तरस जायेंगे।

मुंडियर वन परिक्षेत्र में खनन की जानकारी मिली है, जिस पर वहां के वन नाका प्रभारी को कार्यवाही के आदेश दिए है, व अवैध खनन रोकने के लिए क्षेत्र में मार्किंग की जायेगी जिससे खनन पर और भी कठोर कार्यवाही हो सके।

“दीपक गुप्ता एसीएफ बारां ।

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