बीकानेर, 27 सितम्बर 2017। विश्व पर्यटन दिवस पर बीकानेर पूर्व विधान सभा क्षेत्र विधायक सिद्धि कुमारी ने गंगा राजकीय संग्रहालय के विकास एवं पुनरूद्धार कार्य का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत गंगा राजकीय संग्रहालय का पुरा सामग्री के संरक्षित एवं कला सामग्री का रासायनिक उपचार का कार्य किया गयाहै। विधायक ने संग्रहालय के विकास एवं पुनरूद्धार के दौरान नवीन दीर्घाआें में हुए कार्यों का निरीक्षण किया और इनकी सराहना की। उन्होंने संग्रहालय के भूतल पर तत्कालीन महाराजा गंगासिंह के जीवन से संबंधित विश्व प्रसिद्ध चित्राकार ए.एच.मूलर के तैलचित्र एवं उनकी राईफल, सैन्य कोट इत्यादि, जो शाही परिवार का हिस्सा होती थी, उनको करीने से सजाने पर विभागीय अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने बीकानेर के तत्कालीन राजाओं से संबंधित विभिन्न अस्त्र-शस्त्रों के अवलोकन के बाद कहा कि ये उस जमाने में हुए युद्धों का आभास कराते हैं। संग्रहालय में लघुचित्रों की नवीन दीर्घा में बीकानेर शैली के बारहमासा, रागमालाएं, भागवतपुराण आदि से संबंधित संकलन का प्रदर्शन किया गया है।
विधायक ने मूर्तिकला दीर्घा में बीकानेर क्षेत्र से प्राप्त 5000 वर्ष प्राचीन सैन्धवकालीन संस्कृति से लेकर 20 वीं शताब्दी के प्रारंभिक काल तक की प्रदर्शित मूर्तियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने भारतीय इतिहास के छठी शताब्दी ई.से 20 वीं शताब्दी मध्य तक के सिक्कों, जिनमें जहाॅगीर द्वारा जारी राशिचिन्ह का सिक्का, मेवाड़, कच्छ तथा कुछ और क्षेत्राीय राज्य यथा डोगरा,मराठा तथा आसाम आदि के सिक्कों का अवलोकन किया और इनके बारे में जानकारी हासिल की। उन्हाेंने सार्वजनिक पुस्तकालय का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर गंगा संग्रहालय का अवलोकन पहुंची छात्राओं से उन्होंने विश्व पर्यटन दिवस पर एतिहासिक घटनाओं और दर्शनीय स्थलों पर चर्चा की।
पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के निदेशक हरेश कुमार शर्मा ने बताया कि करीब 2 करोड़ रूपये खर्च कर म्यूजियम को नया स्वरूप दिया गया है। इस अवसर पर म्यूजियम के कार्यवाहक अधीक्षक निरंजन पुरोहित, पर्यटन विभाग की सहायक निदेशक भारती नथानी, पूर्व पार्षद उम्मेद सिंह, सहायक पर्यटन अधिकारी तरूणा शेखावत, सुधीर व्यास सहित बड़ी संख्या में सैलानी उपस्थित थे।
इससे पहले सिद्धि कुमारी ने पूर्व महाराजा गंगासिंह जी की प्रतिमा के आगे दीप प्रज्जवलित किया और विकास कार्यों की शिलापट्टिका का अनावरण किया।
– मोहन थानवी