1. दिनांक 23.11.2017 को प्राकृतिक न्याय व त्वरित न्याय के आधार पर गठित बीकानेर की स्थाई लोक अदालत जिसकी अध्यक्ष डॉ॰ कमलदत्त,एवं सदस्य श्री दयाराम गोदारा हैं, ने एक प्रकरण, जिसमें प्रार्थीया सुमन पत्नि स्व. राहुल सहारण जाति जाट उम्र 39 वर्ष निवासी 4-डी-37 जयनारायण व्यास कॉलोनी बीकानेर ने प्रार्थना पत्र विरूद्ध अप्रार्थीगण 1. संयुक्त निदेशक जिला उद्योग केन्द्र, बीकानेर 2. शाखा प्रबंधक आन्ध्रा बैंक, जयनारायण व्यास कॉलोनी, बीकानेर दिनंाक 08.05.2017 को प्रस्तुत किया था जिसमें मुख्यमंत्री स्वावलम्बन परियोजना 2013 के तहत 5 लाख रूपये की राशि का लोन स्वीकृत किया गया था जो बैंक के द्वारा वितरित किया गया था। जिस पर ब्याज की 8 प्रतिशत राशि पर अनुदान दिया जाना था जो 2 वर्षो तक अनुदान की राशि प्रार्थीया के खाते में जमा करवाई गई तत्पश्चात् उसे सही गणना नहीं होने के आधार पर भुगतान रोक दिया गया और अंत मंे जिला उद्योग केन्द्र बीकानेर व बैंक के द्वारा सम्पूर्ण राशि कार्यशील पूंजी के रूप में देना और नियमानुसार ऋण वितरित नहीं करने के कारण अनुदान देय होना नहीं पाते हुए पूर्व में दी गई अनुदान राशि भी पुनः वसूली के आदेश दिए गए, प्रार्थीया ने स्थाई लोक अदालत मंे इस बाबत् परिवाद पेश किया।
2. जिस पर स्थाई लोक अदालत में पक्षकारान की सुनवाई करते हुए अध्यक्ष डॉ. कमलदत्त व सदस्य श्री दयाराम गोदारा ने दिनांक 23.11.2017 को न्याय निर्णय पारित करते हुए आदेश दिया कि प्रार्थीया को दिए गए ऋण 5 लाख रूपये पर जिला उद्योग केन्द्र बीकानेर द्वारा दी जाने वाली अनुदान राशि को देय होना पाया और उक्त अनुदान राशि भुगतान करने के आदेश दिए गए, साथ ही 10,000/- रूपये प्रार्थीया को मानसिक व आर्थिक संताप के लिए क्षतिपूर्ति अदा करने और 5,000/- रूपये बतौर परिवाद व्यय अदा करने के भी आदेश दिए गए।
उक्त प्रकरण मे प्रार्थीया की ओर से अधिवक्ता श्री सुभाष सक्सेना व अप्रार्थी संयुक्त निदेशक जिला उद्योग केन्द्र बीकानेर की ओर से अधिवक्ता राजकीय अभिभाषक व अप्रार्थी आन्ध्रा बैंक, जयनारायण व्यास कॉलोनी, बीेकानेर की ओर अधिवक्ता श्री अशोक व्यास ने पैरवी की।