वेटरनरी विश्वविद्यालय के संघटक महाविद्यालयों के सभी विभागों में स्नातकोŸार और वाचस्पति अध्ययन को मंजूरी
बीकानेर, 12 दिसम्बर। वेटरनरी विश्वविद्यालय की बोर्ड ऑफ स्टडीज की नवीं बैठक मंगलवार को राजुवास के संकाय अध्यक्ष और अधिष्ठाता प्रो. त्रिभुवन शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। प्रो. शर्मा ने बताया कि राजुवास के तीनों संघटक महाविद्यालयों के सभी विभागों में स्नातकोतर और विद्यावाचस्पति अध्ययन शुरू करने का निर्णय किया गया है। इससे पशुचिकित्सा में उच्च शिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा। माननीय कुलाधिपति के निर्देशानुसार महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं की 75 प्रतिशत अनिवार्य उपस्थिति को पूरी शिद्दत के साथ लागू किये जाने बाबत हिदायत दी गई। वर्तमान परीक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और छात्रोन्मुखी बनाए जाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया। माननीय कुलाधिपति जी के निर्देशानुसार हर विभाग में पाठ्यक्रम रिव्यू कमेटियों का गठन किया गया था। इसके प्रतिवेदनों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। प्रत्येक विभाग अपने प्रस्तावित व्याख्यानों की अनुसूची तैयार करेंगे। बैठक में गत बोर्ड ऑफ स्टडीज के कार्यवाही विवरण का अनुमोदन किया गया। बोर्ड बैठक में सदस्य सचिव प्रो. एस.के. कश्यप, राजुवास संघटक महाविद्यालय के सभी विभागाध्यक्ष सीकर, चौमूं और जयपुर वेटरनरी कॉलेज के अधिष्ठाता गण और पशुपालन डिप्लोमा संस्थानों के प्राचार्यों ने भाग लिया। बोर्ड ऑफ स्टडीज के बाह्य सदस्य रूप में प्रो. वीरसिंह (गुजरात) और प्रो. रवीन्द्र शर्मा (हिसार) भी उपस्थित थे।
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