परिजनों ने कहा पहले हत्यारों को पकड़ो,फिर होगा पोस्टमार्टम

हत्या के मामले में तीन को किया राउण्डअप
बीकानेर(जयनारायण बिस्सा)।बीछवाल थानान्तर्गत कानासर की रोही में बुधवार को हुई खूनी वारदात में परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। परिजन इस बात पर अड़े रहे कि जब तक राकेश के हत्यारों को पकड़ा नहीं जायेगा। तब तक शव नहीं लेगें। इस मांग को लेकर परिजनों ने मोर्चरी के सामने धरना दे दिया। बाद में पुलिस अधिकारियों ने अवगत कराया कि राकेश की हत्या के आरोप में बीछवाल थाने ने मुख्य अभियुक्त चेतन,प्रेम व महिपाल को राउण्डअप कर लिया है तथा शेष की तलाश जारी है। पुलिस के आश्वासन के बाद परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम करवाया। जानकारी रहे कि बुधवार की शाम हुई कानासर स्थित रेलमाता मंदिर के पास खूनी वारदात में एकराय होकर आये हमलावारों ने दो जनों पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया,हमले की इस वारदात में 40 वर्षीय राकेश तंवर की मौत हो गई। जबकि दूसरा बाबूलाल गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे पीबीएम होस्पीटल के ट्रोमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि पुरानी गिन्नाणी निवासी 40 राकेश तंवर और बाबूलाल बुधवार को अपनी जमीन संभालने गये थे,जहां चेतन तंवर अपने सात-आठ साथियों के साथ हथियारों से लैस होकर आया और राकेश व बाबूलाल पर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। हमले में सिर में गंभीर चोट लगने से राकेश तंवर की मौके पर ही मौत हो गई,जबकि बाबूलाल लहुलुहान हो गया।

बीकानेर:पानी की तरह दिये रूपये,फिर भी नहीं बुझती है प्यास
लॉयन न्यूज,बीकानेर। एक ओर सरकार बिजली बचाओ-पानी बचाओं का नारा देते हुए आमजन को इसके बचाव के लिये सरकारी अनुदान देकर बिजली-पानी बचाने की जुगत में लगी है। किन्तु सरकारी की ऐसी योजनाओं का दुरूपयोग कर कई सरपंच भ्रष्टचार फैला रहे है। जिसका जीता जागता उदाहरण जिले के कोलायत तहसील के ग्राम पंचायत सेवड़ा में देखने को मिला। जहां पानी की प्यास बुझाने के लिये रूपयों को पानी की तरह बहाया गया। फिर भी ग्रामीण आज भी पानी को तरस रहे है। सरकारी रूपयों की बेकद्री और अनियमितताओं की शिकायत गांव के ही एक सजग नागरिक ने लोकायुक्त को की। किन्तु राजनीतिक दबाव के चलते उनकी इस शिकायत पर किसी प्रकार ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शिकायतकर्ता सवाई सिंह ने लोकायुक्त को लिखे पत्र में अवगत कराया कि सरकारी योजनाओं के तहत सरकारी धन का दुरूपयोग किया जा रहा है। इतना ही नहीं योजनाओं की क्रियान्विती न कर लाखों का रूपये का गबन भी किया गया है। सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत की ओर से वितिय वर्ष 2015-16 में गांव की पुली से दादु गांव तक 3.5 किमी ग्रेवल सड़क निर्माण कार्य मनरेगा के तहत करना बताया गया है। लेकिन वास्तविकता ये है कि इस सड़क का निर्माण ही नहीं हुआ। महज झूठे मस्टरोल भर कर सरकारी धन का गबन अधिकारियों की मिली भगती से किया गया है। इसका प्रमाण मस्टरोल व बेज लिस्ट की रिपोर्ट के मस्टरोल नं 273003110/आरसी/112908212274 से लगा सकते है।
तालाब निर्माण में भी गड़बड़झाला
सिंह ने आरोप लगाया है कि सेवड़ा में जलसंग्रहण के लिये उत्तर-पूर्व दिशा में पक्का तालाब बनाने की बात भी ग्राम पंचायत व सरपंच की ओर से की जा रही है। किन्तु मौके पर ऐसा कोई निर्माण नहीं है।

error: Content is protected !!