राजकोषीय मजबूती परीक्षा में फेल जेटली:कांग्रेस

देश के विकास को गति देने वाला बजट:भाजपा
बीकानेर(जयनारायण बिस्सा)। मोदी सरकार के अंतिम पूर्ण बजट में गांव, गरीब और पिछड़े तो नजर आए, मगर मिडिल क्लास को राहत पहुंचाने के लिए बजट में बहुत ज्यादा कुछ नजर नहीं आया। ऐसे में कांग्रेस ने मौजूदा मोदी सरकार के इस आखिरी बजट को लेकर चुटकी ली। पूर्व मंत्री डॉ बी डी कल्ला ने कहा कि बजट में किसानों और पिछड़े तबके के लिए वित्त मंत्री जेटली ने कुछ रियायतों का ऐलान तो किया, मगर ये छूट कम और गलत वक्त पर दी गई है।
संसदीय सचिव डॉ विश्वनाथ ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में लागत मूल्य का 50 प्रतिशत यानी डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने की घोषणा की गई है इसे इसी वर्ष से लागू किया जाएगा और बाद में अन्य फसलों के लिए भी लागू होगा ये बड़ी बात है। शहर भाजपा अध्यक्ष डॉ सत्यप्रकाश आचार्य ने प्रतिक्रिया देते हुए आम बजट की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यूनियन बजट देश के विकास को गति देने वाला बजट, फार्मर फ्रेंडली है। ईंज औफ बहिजनेस के साथ ईज ऑफ लिविंग पर भी फोकस, गरीब मध्यम वर्ग की चिंता को दूर करने वाला बजट। किसानों की स्थिति को मजबूत करने वाला बजट है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल गहलोत वित्त मंत्री राजकोषीय मजबूती की परीक्षा में फेल हो गये। उनकी इस असफलता के गंभीर परिणाम होंगे। महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनीता गौड़ ने कहा मोदी सरकार ने धरातल पर कुछ नहीं किया। सरकार सिर्फ कागजों पर बातों के पकौड़े और जुमलों के बताशे उतार रही है। कांग्रेस के देहात अध्यक्ष महेन्द्र गहलोत ने बजट पर जमकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई सारे ऐलान पिछले बजट की हैं, जिन्हे अभी तक पूरा नहीं किया जा सका है। बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता गोपाल गहलोत ने कहा, सरकार ने बजट में किसानों और समाज में हाशिए के लोगों के लिए कुछ नहीं किया है। खराब दौर को देखते हुए बजट का आवंटन काफी कम है। आर्थिक- चिन्तक, लेखक डॉ. अजय जोशी का मानना है कि इस आम चुनाव से पूर्व के पूर्ण बजट में मध्यम वर्ग को राहत देने वाले कदम नहीं उठाकार सरकार ने बड़ी जोखिम ली है क्योंकि यह वर्ग वर्तमान सरकार का बड़ा वोट बैंक है। इस वर्ग के लिए इस बजट में कुछ नहीं है बल्कि किसी न किसी रूप में कर बोझ ष्बढ़ा ही है। गरीब वर्ग के लोगों के लिए स्वास्थ्य बीमा ,किसानों की आय को बढाने के उपाय,आठ करोड़ गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्सन देने,कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बड़ी राशि की व्यस्था करने जैसे उपाय स्वागत योग्य है. इन सभी लाभों को गरीब वर्गों तक पहुंचाने की समस्या का समाधान करने के लिए प्रधानमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकारों के साथ मिल कर इस हेतु प्रभावी व्यवस्था की जायेगी। जीएसटी लागू होने के बाद अप्रत्यक्ष करों में बदलाव करके परम्परागत रूप से सस्ता महंगा होने जैसी बात इस बजट में नहीं है क्योंकि अब इन करों में बदलाव का कार्य जीएसटी कौंसिल के पास है जो समय समय पर बदलाव करता रहता है। एडवोकेट हरिशंकर चूरा ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया बजट में गरीबों के स्वास्थ्य पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया। इसके लिए सरकार ने नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम शुरू की। जिससे करोड़ों गरीबों को फायदा मिलेगा।

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