राज्य जनसम्पर्ककर्मी सोमवार को विधानसभा पर देंगे धरना

निदेशक और सचिव की नकारात्मक कार्यशैली से आक्रोश
जयपुर, 08 फरवरी। सूचना एवं जनसम्पर्क सेवा के अधिकारी एवं कर्मचारी निदेशक तथा सचिव, सूचना एवं जनसम्पर्क की नकारात्मक कार्यशैली के विरोध में 12 फरवरी को विधानसभा के बाहर धरना देंगे। पब्लिक रिलेषन्स एण्ड एलाइड सर्विसेज एसोसिएषन ऑफ राजस्थान ‘प्रसार‘ ने गुरूवार को यह निर्णय लिया। धरने में राज्यभर से विभाग के कार्मिक शामिल होंगे।
प्रसार के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोतीलाल वर्मा ने कहा कि राज्य जनसम्पर्ककर्मियों की लंबित मांगों को लेकर 2 फरवरी को निदेशक के साथ हुई बैठक में जिन मांगों पर सहमति बनी थी, उन पर निदेशक एवं सचिव स्तर पर कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गई है। इन मांगों के संदर्भ में सभी पत्रावलियों पर नकारात्मक टिप्पणियां कर ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है। इससे विभाग का कार्य तो प्रभावित हो ही रहा है, साथ ही अधिकारियों के हितों पर कुठाराघात हो रहा हैव उनका मनोबल गिराने के प्रयास निरन्तर जारी है ।
वर्मा ने कहा कि प्रसार की कार्यसमिति द्वारा मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव व विभाग के प्रभारी सचिव व निदेशक को अपनी लम्बित मांगों जिसमंे विभाग में रिक्त पदों पर भर्ती, एडहॉक पदोन्नति, सुविधाओं एवं संसाधनों की उपलब्धता तथा विभिन्न विभागों में प्रतिनियुक्ति के पदों पर पदस्थापन को लेकर ज्ञापन सौंपे गये थे उन पर कोई कार्यवाही न कर एवं अधिकारियों के वेतन-निर्धारण के मामलों में माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना न कर निदेशक तथा सचिव का टालमटोल का रवैया लगातार जारी है। वे जानबूझकर इन मांगों को लंबित रखकर प्राइवेट फर्मों से कार्य करवा रहे हैं।
मुख्यमंत्री विभाग की मंत्री होने के बावजूद निदेशक एवं सचिव की अनदेखी के कारण बीते वर्षों में विभाग का ढांचा और माहौल लगातार बिगड़ा है। हालात ये हैं कि मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं सहित जिला कार्यालयों में सभी अधिकारी राजकीय कार्य सम्पादित करने में असहजता महसूस कर रहे हैं। उन्हें अपर्याप्त कारण बिना उनका पक्ष सुने चार्जशीट देकर हतोत्साहित करने, अधिकारियों के सामने आ रही व्याावहारिक समस्याओं को अनदेखा कर उन्हें प्रताड़ित करने की मंशा से कारण बताओ नोटिस देकर, तबादले एवं अन्य कार्रवाईयां कर प्रताड़ित किया जा रहा है। कई अधिकारी प्रताड़ना के इस व्यवहार से परेषान होकर समय-पूर्व सेवानिवृत्ति लेने पर मजबूर हुए हैं।
संगठन का कहना है कि विभाग में जानबूझकर लंबे समय से भर्तियां नहीं की जा रही हैं और रिक्त पदों को समाप्त कर पदोन्नति के अवसर खत्म किए जा रहे हैं। अधिकारियों को आवष्यक संसाधनों से वंचित किया जा रहा है, जबकि राजस्थान संवाद के माध्यम से लगातार अनावश्यक खरीद एवं भुगतान कर अनियमितताएं की जा रही हैं। विभाग की निधियों का दुरूपयोग हो रहा है और अधिकारियों के टीए सहित अन्य बिलों के भुगतान काफी समय से लंबित हैं। प्रसार के सदस्यों ने कहा कि उनके हितों पर हो रहा यह कुठाराघात अब बर्दाष्त से बाहर हो गया है।
वर्मा का कहना है कि अधिकारियों के साथ-साथ विभाग के कर्मचारियों की कुछ मांगें भी लंबित हैं उनके निराकरण की दिशा में भी कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाने से उनमें भी आक्रोश है । सूचना एवं जनसम्पर्क अधीनस्थ कर्मचारी समन्वय समिति के अध्यक्ष गोपाल पाठक ने भी कहा है कि इस आन्दोलन में वे भी जनसम्पर्ककर्मियों के साथ उतरेगें ।
प्रसार का कहना है कि जनसम्पर्क सेवा के अधिकारी व कर्मचारी अपनी पूरी क्षमता से सरकार की बेहतर छवि निर्माण हेतु सदैव तत्परता के साथ कार्यों को सम्पादित करते हैं। वे निरन्तर अपनी क्षमता का प्रदर्शन राज्य हित में करना चाहते हैं, लेकिन संसाधनों की कमी, उपेक्षित व्यवहार तथा वेतन विसंगतियों का निराकरण न करने से उनकी कार्यक्षमता का राज्यहित में पूरा उपयोग नहीं हो रहा है। राज्य सरकार सकारात्मक रूख अपनाकर जनसम्पर्ककर्मियों की मांगों का निराकरण करे तो राज्यहित में बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।

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