तपोधाम तारातरा में संतो का महाकुंभ आज से

तैयारियां हुई पूर्ण, दुल्हन की तरह सजा तारातरा मठ, देश भर से श्रद्धालुओं और संतो का आगमन हुआ शुरू 
बाड़मेर। मालाणी के प्रसिद्ध मठ तारातरा के ब्रह्मलीन संत मोहनपुरी महाराज के भण्डारे एवं उनकी मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम 13 फरवरी से 18 फरवरी के मध्य तारातरा की पावन धरा में आयोजित होने जा रहा है। जिसको लेकर तारातरा मठ परिसर सहित तारातरा नगर पूर्ण सज चुका है। जगह-जगह पर खास तैयारी की गई है। पुरे मठ परिसर में आकर्षक सजावट की गई है। तारातरा मठ की आकर्षक सजावट मन को मोह रही है। मंगलवार से पांच दिवसीय महोत्सव विधिवत रूप से प्रारंभ होगा। मोहनपुरी महाराज के धुने में आबुराज के महंत चन्दनगिरी महाराज जोत जलाकर पांच दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ करेंगे।  सोमवार को महंत प्रतापपुरी ने तारातरा मठ में उमड़ने वाले श्रद्वालुओं की भीड़ को लेकर की जा रही तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने महाकुंभ की तैयारियों को चुस्त-दुरुस्त करने को लेकर निर्देशित किया कि व्यवस्थाओं में किसी भी तरीके की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को कोई असुविधा नहीं हो, उसके लिए व्यवस्थित पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा, पानी एवं बिजली की व्यवस्था को सुचारू रूप से किया जाए जैसे कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई।
तारातरा मठ के गादीपति स्वामी प्रतापपुरी जी ने कहा कि पश्चिम राजस्थान के इतिहास का ये सबसे बड़ा धार्मिक महोत्सव का आयोजन है। जिसमे देश भर के संत महात्मा और राजनीतिक हस्तियां शिरकत करेगी। जिसको सफल बनाना हम सब की जिम्मेदारी है। उन्होने बताया कि इस पांच दिवसीय आयोजन में लगभग 5 लाख से अधिक श्रदालु दर्शन करेंगे।
दुल्हन की तरह सजा तारातरा मठ 
तारातरा मठ में आज से आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारियां पूर्ण हो चुकी है। पिछले दो माह से मठ परिसर को सजाया जा रहा था जो आज लगभग पूर्ण हो चुका।  खाली मैदान में पंडाल और टेंट ने भी अंतिम रूप ले लिया है। आज से इन पंडालों में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था की जाएगी। इस कार्यक्रम को लेकर आयोजको का दावा किया जा रहा है कि देशभर से लगभग 5 लाख से अधिक श्रदालु और संत महात्मा शिरकत करेंगे। आयोजन को लेकर प्रदेश सहित देश भर के गुरुभक्तों मे उत्साह नज़र आ रहा है।
आज के कार्यक्रम
मोहनपुरी महाराज के धुने में आबुराज के महंत चन्दनगिरी महाराज जोत जलाकर पांच दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। प्रथम दिन कलश स्थापना 8 बजे, नैनी बाई का मायरा दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक चलेगी। जिसमे पंडित ज्वालाप्रसाद कथावाचन करेंगे। आई माता मंदिर बिलाड़ा के माधोसिंह दीवान मौजूद रहेंगे। वहीं आज की शाम भक्ति संगीत से
से सजेगी। जिसमे कालूसिंह चौहान गंगासरा एंड पार्टी द्वारा भजनों की प्रस्तुतियां दी जाएगी।

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