मियाला में आयोजित हो रही भागवत कथा आयोजन स्थल पर विराट कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। अतिथियों व कवियों का स्वागत आयोजन समिति के हीरालाल चंदेल, जयेंद्र सिंह रावत, प्यारी कुमारी , तोलु सिंह, सतवीर सिंह, महेंद्र सिंह, सत्येंद्र सिंह , भंवर सिंह ने किया।
सरस्वती वंदना के साथ कवि सम्मेलन का आगाज हुआ। जिसमें बांसवाड़ा के नयनेश जानी ने जो दूसरों से छीना गया हो , मुझे वो निवाला नही चाहिए….., गुलाब का फूल जैसे कविताएं पढ़कर खूब तालियां बटोरी। नागदा के कमलेश दवे ने काव्य पाठ करते हुए ” मरने के बाद नसीब एक कफ़न होता है….वाहवाही लूटी। रतना का गुड़ा ( देवगढ़) के जसवंत लाल खटीक ने सुन रे बाबा…. , बाबा के जयकारे… सुनाकार मंत्रमुग्ध कर दिया। भीलवाड़ा से आए दीपक पारीक ने ओजस्वी कविताओं के साथ मेवाड़ी भाषा मे कविताएं सुनाकर श्रोताओं के साथ तारतम्य बनाया। नाथद्वारा के कानू पंडित ने हास्य की कविताओं से लोटपोट कर दिया। प्रतापगढ़ के पार्थ नवीन ने पैरोडी के माध्यम से जोधपुर जेल का दृष्टांत बताया तथा खूब गुदगुदाया। जयपुर के अशोक चारण ने वीर रस से ओतप्रोत कविताएं पढ़ी तथा तिरंगा कविता को खूब सराहा गया। सूत्रधार जलज जानी थे। इस अवसर पर जयेंद्र सिंह रावत, प्यारी कुमारी मण्डावर, विनीता सालवी, पंकजा सिंह, लक्ष्मण सिंह, अभयसिंह, जसवंत सिंह, जगदीश चावला, भूरसिंह, शक्तिसिंह आदि मौजूद थे।