नई पीढ़ी को राजस्थानी भाषा से जोड़ने की जरूरत : सामौर

बीकानेर, 20 अक्टूबर। राजस्थानी साहित्यकार प्रो. भंवरसिंह सामौर का मानना है कि राजस्थानी भाषा के चहुंमुखी विकास के लिए इसे नई पीढ़ी से जोडऩे की जरूरत है। इसके लिए पहली जरूरत है मातृभाषा राजस्थानी को प्राथमिक शिक्षा के पाठ्यक्रम और प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल किया जाए।
प्रो. सामौर रोटरी क्लब बीकानेर द्वारा आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय राजस्थानी भाषा समान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी चपालाल डागा ने की। दो दिवसीय राजस्थानी भाषा समान समारोह का आगाज राजस्थानी में महाविद्यालय स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता से हुआ। इसमें विषय के पक्ष में बांगड़ महाविद्यालय, डीडवाना की निहारिका राठौड़ एवं विपक्ष में रामपुरिया महाविद्यालय, बीकानेर की वंदना सारस्वत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
समारोह संयोजक एवं राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के सेवानिवृत्त सचिव पृथ्वीराज रतनू ने कहा कि मातृभाषा में रोटरी क्लब के ऐसे आयोजनों से राजस्थानी का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रसार होगा।
रोटरी क्लब के पूर्व प्रांतपाल एवं संयोजक रोटे. अरुण प्रकाश गुप्ता ने कहा कि क्लब की ओर से विश्वभर में सांस्कृतिक आयोजन होते हैं परंतु रोटरी क्लब बीकानेर ने पहली बार मातृभाषा राजस्थानी में पुरस्कार प्रारंभ करने और सम्मान समारोह आयोजित की पहल की है। रोटे. प्रदीप गुप्ता, मनमोहन कल्याणी, एस. जी. सोनी एवं सुनील गुप्ता ने मंचस्थ अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। क्लब के अध्यक्ष संजय छींपा ने आगंतुकों का आभार जताया। समारोह स्थल पर कलासन प्रकाशन, विकास प्रकाशन तथा राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी की ओर पुस्तक प्रदर्शनी आयोजित की गई। अकादमी के सचिव डॉ. नितिन गोयल ने पत्रिका जागती जोत और अकादमी प्रकाशनों के डिजिटलाइजेनशन और ऑन लाइन उपलब्धता की जानकारी दी। एस दिल्ली के सर्जन डॉ. ओमप्रकाश प्रजापत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। समारोह में भंवरलाल भ्रमर, डॉ. मदन सैनी, डॉ. नीरज दइया, रवि पुरोहित, डॉ. मंजुला बारठ, शंकरसिंह राजपुरोहित, डॉ. गौरीशंकर प्रजापत, डॉ. नमामीशंकर आचार्य, पी. आर. लील,, डॉ. कृष्णा आचार्य, नयनतारा छल्लाणी, विकास पारीक, सूरतगढ़ से हरिमोहन सारस्वत ‘रूंखÓ एवं लूणकरणसर से राजूराम बिजारणियां ने सहभागिता निभाई।
वाद विवाद प्रतियोगिता में छात्राओं ने मारी बाजी
इस अवसर पर आयोजित ‘कश्मीर समस्या रो समाधान मात्र युद्ध ई हैÓ और ‘आज रै युग में माबाईल रो घणो उपयोग अेक आवश्यक बुराई हैÓ विषयक वाद-विवाद प्रतियोगिता में 30 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता में पक्ष और विपक्ष में बोलने वाली छात्राओं ने प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त किया। प्रथम स्थान बांगड़ महाविद्यालय, डीडवाना की निहारिका राठौड़ एवं रामपुरिया महाविद्यालय की वन्दना सारस्वत ने प्राप्त किया। महाविद्यालय गोल्याण (शेखसर) की अनिता तथा बांगड़ महाविद्यालय, डीडवाना की साक्षी प्रजापत ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। सवाई शिक्षण प्रशिक्षण महाविद्यालय, डीडवाना के नरेन्द्रसिंह राठौड़ एवं डूंगर महाविद्यालय बीकानेर के रामनिवास ने क्रमश: पक्ष एवं विपक्ष में तृतीय स्थान प्राप्त। नेहरू शारदापीठ महाविद्यालय की योगिता, सवाई शिक्षण प्रशिक्षण महाविद्यालय डीडवाना के प्रेमाराम, श्री जैन कन्या महाविद्यालय बीकानेर की जया शर्मा एवं मुरलीसिंह यादव मैमोरियल शिक्षण प्रशिक्षण महाविद्यालय उदयरामसर के छात्र सीताराम को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदत्त किया गया।

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