सात दिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन योग

महाविद्यालय की रासेयो दोनों इकाइयों द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन की शुरूआत स्वयंसेवकों के द्वारा योग से की गई।
इसके पश्चात् प्रथम सत्र में स्वयंसेवकों के द्वारा श्रमदान कार्य के अन्तर्गत गोद लिए गांव घड़सीसर में एन.एस.एस. प्रभारी डॉ रीतेष व्यास, कार्यक्रम अधिकारी डॉ बालमुकन्द व्यास, श्री ईषान नारायण पुरोहित, डॉ. शराफत अली, डॉ. राकेष धवन के नेतृत्व में जाकर कटिंली झाडियों को काटकर एवं कंकड पत्थरों को हटाकर वहां सफाई की।
इसके साथ ही रासेयो स्वयंसेवकों के द्वारा घड.सीसर गांव में घर घर जाकर लोगों से अधिकाधिक मतदान करने की अपील की। स्वयंसेवकों ने निर्वाचन आयोग के प्राप्त जानकारी के आधार पर लोगों को इलेक्ट्र्ॉनिक वोटिंग मषीन तथा वीवीपेट डिवाइस के बारे में सामान्य लोगों को जानकारी दी। स्वयंसेवकों ने पोस्टर पेम्पलेट स्लोगन तथा कार्टून के माध्यम से लोगों में अधिकाधिक मतदान करने की अपील की।
द्वितीय सत्र में बीकानेर के जाने माने मोटिवेषनल गुरू डॉ. गौरव बिस्सा ने स्वयं सेवको को संबोधित करते हुए आव्हान किया कि वर्तमान समय में पूरे भारत में स्वच्छ भारत अभियान चलाया जा रहा है। इसमें आप भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हो। इसके लिये उन्होंने मूल मंत्र बताया कि प्रत्येक भारतीय में देष प्रेम की भावना होनी चाहिये। डॉ श्रीमाली ने षिक्षा का उद्देष्य बताते हुए कहा कि संघर्ष करना है उसके साथ हो उन्होंने कहा कि अपनी जिज्ञासा को दबाना नहीं चाहिए बल्कि इसके समाधान के लिये प्रष्न करना चाहिये।
डॉ. बिस्सा ने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि स्वयंसेवकों को अपने देष की संस्कृति सभ्यता और विकास पर गौरव करना चाहिए। स्वयंसेवक का यह दायित्व है कि वे राष्ट्र निर्माण में अपना अधिकाधिक योगदान दे और रासेयो के उद्देष्यों को पूरा करे।
गोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनन्त जोशी ने अतिथियों को विश्वास दिलाया कि महाविद्यालय के स्वयंसेवक अपने व्यक्तित्व का विकास कर राष्ट्र सेवा योजना के मूल उद्देश्य को पुरा करेंगे। इस संदर्भ में प्राचार्य महोदय ने कहा कि भविष्य में व्यक्तित्व विकास पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। जिससे कि विधार्थियों में व्यक्तित्व विकास हो सके।
गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए रासेयो प्रभारी डॉ. रीतेश व्यास ने स्वंयसेवकों को बताया कि अपनी कैरियर को सही दिशा देने के लिए योजना बहुत जरूरी है। किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति योजनाबद्ध रूप से की जाए तो उससे लक्ष्य प्राप्त करना आसान हो जाता है।
भोजनावकाश के पश्चात् तृतीय सत्र में स्वयंसेवकों के लिए मंच संचालन कार्यषाला का आयोजन किया गया जिसमें सभी स्वयंसेवकों ने बढ चढ कर हिस्सा लिया।
वाद-विवाद प्रतियोगिता के पश्चात डॉ. बालमुकुन्द व्यास ने आगामी दिवसों में होने वाले कार्यो तथा गतिविधियों के लिए स्वयंसेवकों से चर्चा की ।
रासेयो प्रभारी

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