शहीद संत कंवर राम बरसी उत्सव

बीकानेर । रविवार 25 नवम्बर को सूफी सिन्धी शहीद सन्त कंवरराम जी की 79 वीं बरसी उत्सव रथखाना कंवर राम मन्दिर में परम्परागत रूप से भजन, कीर्तन और सत्संग व भंडारा की सेवा कर मनाया गया।
संस्था सचिव सतीश रिझवानी ने बताया सुबह 9 बजे झंडारोहण, तत्पश्चात आरती व अखो- पल्लव का आयोजन समाज के वरिष्ठजनों के मार्गदर्शन में किया गया। समाज सेवी खेमचन्द मूलचंदानी, विजय एलानी, कमलेश सत्यानी, श्याम मूलचंदानी मानसिंह मामनानी, दीपक आहूजा, दौलत हरवानी, अशोक वाधवानी, चन्दप्रकाश रमानी, मोहनलाल सत्यानी ,धनपत गोरवानी, दयाल खेसवानी, राधेश्याम मोदी, भरत बालानी, मोहन लाल तुलसियानी ने समस्त धर्म प्रेमी जनता से शहीद संत कंवरराम के आदर्श अपनाने का आह्वान किया।
संस्था अध्यक्ष सुंदर मामनानी ने बताया हीरालाल रिझवानी, ओम गंगवानी, हेमन्त मूलचंदानी, सुगनचंद तुलसानी, देवानन्द खेसवानी , ढालूराम खेसवानी, की संगीत पार्टी द्वारा भजनों, पंजड़ों की संगीतमय प्रस्तुति पर संगत झूम उठी। सिंधी साहित्यकार मोहन थानवी ने बताया कि संत शहीद कंवरराम अपनी मधुर वाणी व भजनों से जनजीवन में प्रेम भक्ति का संदेश देते रहे। उनके संगीतमय भजनों के माधुर्य के साथ-साथ पीडितो का दर्द बया होता था। उनकी आवाज पर हजारों लोग मोहित हो जाते थे। उन्होंने सिंधी लोकसंगीत-नृत्य कला “भगत” को न केवल पुनर्जीवित किया बल्कि उसका प्रचार और संवर्धन भी बखूबी किया उसी वजह से आज भी सिंधी भगत प्रसिद्ध है। उनके पैरों में घुंघरूओं की पायल, कानों में कुंडल, सर पर लाल जाफरानी रंग की पगड़ी, तन पर श्वेत जामा और कमर में बांधनी बाध कर संगीत में झूमने की छटा देखते ही बनती थी ।
रथखाना में मनाए उत्सव के इस अवसर पर क्षेत्र के पार्षद रहे आनंद सिंह सोढ़ा, कांग्रेस प्रत्याशी कन्हैया लाल झंवर, निर्दलीय युधिष्ठिर सिंह भाटी आदि ने संत शहीद कंवरराम मंदिर और भगवान झूलेलाल मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
सचिव
सतीश रिझवानी
कंवर राम मण्डली बीकानेर

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