10 दिन में सुनिश्चित हो समस्त सीएचसी-पीएचसी का ढांचागत सुधार

बीकानेर। अगले 10 दिन में स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी सीएचसी-पीएचसी का गहन निरीक्षण करेंगे। संस्थान की समस्त ढांचागत व्यवस्थाएं यथा उपकरण, साजो सामान, भवन व्यवस्था, स्क्रैप निस्तारण इत्यादि कार्यों को प्राथमिकता से निपटाएंगे। इस संबंध में सख्त निर्देश देते हुए जिला कलेक्टर पाल गौतम ने स्वास्थ्य विभाग की अपनी पहली ही बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं में आमूलचूल सुधार का रोड मैप प्रस्तुत किया। बुधवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित तकरीबन ढाई घंटे चली जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक बैठक में जिला कलेक्टर ने खंडवार चिकित्सा संस्थानों, उनमें उपलब्ध सेवाओं, मानव संसाधन, ढांचागत व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता व ओपीडी-आईपीडी की तह तक पड़ताल की और 10 दिन में खंड व जिला स्तर पर संभव समस्या समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संयुक्त निदेशक बीकानेर जोन डॉ हरबंस सिंह बराड़ व सीएमएचओ डॉ. बी एल मीणा ने एजेंडावार विभागीय योजनाओं व सेवाओं की प्रगति जिला कलेक्टर व सदन के समक्ष रखी। कलेक्टर ने निशुल्क दवा व जांच योजना का लाभ शत-प्रतिशत मरीजों को निर्बाध रूप से दिलवाने, राजश्री योजना के बकाया भुगतान जल्द करवाने, टीकाकरण में लेफ्ट आउट व ड्राप आउट में कमी लाने के लिए रेंडम सर्वे करवाने व एएनएम के कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने 108 एंबुलेंस सेवा के सेवा प्रदाता कंपनी प्रतिनिधि को एक माह में समस्त एंबुलेंस की मरम्मत व साजो सामान व्यवस्था का अल्टीमेटम दे डाला। उन्होंने पीबीएम अस्पताल में पीपीआईयूसीडी सेवा ना देने को गंभीरता से लिया और कुल डिलीवरी के कम से कम 30 प्रतिशत प्रसूताओं को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने नशे के लिए दुरुपयोग की जा सकने वाली दवाइयों के उपभोग पर कड़ी नजर रखने व नशे के आदी मरीजों के पुनर्वास प्रयास पर भी जोर दिया।
बैठक में एसडीएम बीकानेर मोनिका बलारा, डिप्टी सीएमएचओ डॉ इंदिरा प्रभाकर, डॉ. योगेंद्र तनेजा, डीटीओ डॉ सीएस मोदी, निशुल्क दवा योजना प्रभारी डॉ नवल गुप्ता, डीपीएम सुशील कुमार, डीएनओ मनीष गोस्वामी सहित जिला-खंड स्तरीय अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी व विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मौसमी बीमारियों पर प्रिवेंटिव अप्रोच
जिला कलेक्टर ने स्वाइन फ्लू के फैलाव, नियंत्रण, उपचार व आई.ई.सी. की विस्तृत समीक्षा की। स्वाइन फ्लू-डेंगू जैसी मौसमी बीमारियों पर प्रिवेंटिव अप्रोच को अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने साल भर के कैलेंडर अनुसार मौसमी बीमारियों के प्रति जन जागरूकता लाने व स्कूली विद्यार्थियों को अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए।

एनीमिया मुक्त होगा बीकानेर
क्षेत्र विशेष प्रमुख स्वास्थ्य समस्याओं की पड़ताल में जब निकल कर आया कि जिले की 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं-किशोरियां एनीमिक हैं तो जिला कलेक्टर ने इस संबंध में पुख्ता योजना बनाकर सघन कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए ताकि बीकानेर को एनीमिया मुक्त किया जा सके।

कोटपा एक्ट की डीएलसीसी बैठक आयोजित
डीएचएस के साथ कोटपा एक्ट 2003 संबंधित जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक भी आयोजित की गई जिसमें सीएमएचओ द्वारा कोटपा एक्ट के उल्लंघन पर हर संस्थान स्तर से अधिकाधिक चालान काटने व तम्बाकू के दुष्प्रभावों पर जन जागरूकता के निर्देश दिए गए।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी
बीकानेर

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