डाॅ. पारीक ने ऊंटी में किया पत्रवाचन

बीकानेर, 31 जनवरी। कृषि महाविद्यालय के सहायक आचार्य डाॅ. नरेन्द्र
पारीक ने भारत की मृदा संरक्षण समिति द्वारा मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान
ऊंटी में ‘जलवायु परिवर्तन प्रभाव को कम करने और मृदा एवं जल संसाधन के
प्रबंधन में मौसम भविष्यवाणी की सहायता’ विषयक 28वीं राष्ट्रीय संगोष्ठी
में पत्रवाचन किया। इस दौरान डाॅ. पारीक ने बताया कि यदि किसान को समय पर
आने वाले मौसम की जानकारी के साथ कृषि क्रियाएं बता दी जाएं तो फसल
उत्पादन के साथ किसानों की आय भी बढ़ाई जा सकती है। तीन दिवसीय संगोष्ठी
गुरुवार को प्रारम्भ हुई। यह 2 फरवरी तक चलेगी।

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