पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए

बीकानेर, 12 जून। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डाॅ. बी.डी. कल्ला ने सिंचाई विभाग के अभियंताओं को निर्देश दिए कि शोभासर और बीछवाल में बने रिजर्वायर में मांग के अनुसार पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। पानी आपूर्ति करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि मंत्री स्तर पर हुई बैठक में दोनों जलाशयों के लिए निर्धारित पानी की मात्रा से कम पानी किसी भी स्थिति में नहीं दिया जाए। उन्होंने जिला कलक्टर से कहा कि जलदाय विभाग द्वारा जिले में एक और रिजर्वायर बनाया जाना है, इसके लिए विभाग को डीएलसी दर पर भूमि आवंटन की कार्रवाई की जाए।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डाॅ. बी.डी. कल्ला बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में सिंचाई, जन स्वास्थ्य अभियंत्रिकी, वेपकोस, विद्युत वितरण निगम तथा इंदिरा गांधी नहर परियोजना के अभियंताओं की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा की शोभासर जलाशय में 76 क्यूसेक तथा बीछवाल जलाशय में 45 क्यूसेक पानी की आपूर्ति लगातार बनी रहे, इसमें किसी भी स्तर पर कोताही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पानी की कमी के कारण शहर में जलापूर्ति पर अगर विपरीत प्रभाव पड़ता है तो संबंधित अभियंता के विरूद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने जिला कलक्टर से कहा कि विभाग द्वारा जिला मुख्यालय पर एक और रिजर्वायर बनाया जाना है, इसके लिए भूमि के चिन्हीकरण का कार्य विभाग तथा राजस्व अधिकारियों द्वारा शीघ्र किया जाए तथा भूमि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को डीएलसी दर पर आवंटित की जाए। उन्होंने कहा कि पानी की आपूर्ति राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इस कार्य में तत्परता रखें, सरकार अथवा प्रशासन की ओर से आर्थिक मदद मिल सके, इसके लिए समन्वित प्रयास होने चाहिए। सभी विभागों के अधिकारी इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखते हुए कार्य पूर्ण करें।
ऊर्जा मंत्री डाॅ. बी डी कल्ला ने कहा कि शहर में जो कॉलोनिया कॉलोनाइजर द्वारा विकसित की गई है उन कॉलोनियों में पानी पहुंचाने का कार्य मुख्य रूप से कॉलोनाइजर का है, मगर विभाग कॉलोनियों तक मुख्य लाइन पहुंचा दे, इसके बाद संपूर्ण कॉलोनी में रहने वाले आमजन को पानी पहुंचाने का कार्य कॉलोनाइजर स्वयं अपने स्तर पर करे। नगर विकास न्यास ऐसी आवासीय कॉलोनियों को चिन्हित करें जहां पानी पहुंचाने का कार्य होना है। शहर में कुछ स्थान ऐसे भी हैं, जो न तो किसी कॉलोनाइजर द्वारा और ना ही निगम या न्यास द्वारा विकसित की गई है, मगर बड़ी संख्या में लोग वहां रहते हैं, ऐसे स्थानों पर घरों तक पानी पहुंचाने का कार्य जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा किया जाए। उन्होंने कहा जो कॉलोनाइजर अपनी कॉलोनी में रहने वाले लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंचा रहा है, ऐसी काॅलोनी में कॉलोनाइजर द्वारा रखी गई रिजर्व भूमि को नगर विकास न्यास चिन्हित कर बेचे और काॅलोनी में जलापूर्ति की कार्यवाही करे।
देवी कुंड सागर को ले पायलट प्रोजेक्ट मे
डाॅ. कल्ला ने सागर स्थित देवीकुंड सागर तालाब को एक अतिरिक्त रिजर्वायर के रूप में विकसित करने की संभावनाएं तलाशने को कहा। उन्होंने कहा कि वेपकोस के अधिकारी बीजी ब्यास इसका पूरा तकमीना बनाएं और यह देखें कि इस तालाब को रिजर्वायर के रूप में विकसित किया जाए तो बेहतर परिणाम आएंगे अथवा राॅ वॉटर एकत्रित कर यहां प्लांट लगाकर पानी को साफ कर आसपास की कॉलोनियों तथा नापासर तक जलापूर्ति का कार्य बेहतर होगा, इन सभी संभावनाओं को तलाशा जाए।
डाॅ. कल्ला ने कहा कि बीकानेर पूर्व, पश्चिम तथा सभी गांवों में पानी की आपूर्ति निर्बाध रूप से होती रहे, इसके लिए विभाग शत प्रतिशत प्रयास करे। पानी की पाइपलाइन को बदलना हो या ट्यूबवेल बनाना हो अथवा शहर के किसी क्षेत्र में पंपिंग स्टेशन लगाना हो तो यह भी देखें, मगर पानी की आपूर्ति निर्बाध रूप से चलती रहे, इसके लिए सभी अधिकारी सचेत होकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में बने जीएलआर तथा जलाशयों की नियमित रूप से सफाई की जाए तथा सफाई की दिनांक अंकित की जाए।
ग्रामीण क्षेत्र में पानी की डिग्गी की सफाई मनरेगा से जोड़ी जाए
ऊर्जा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डाॅ. कल्ला ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की टंकियों की सफाई और मरम्मत का कार्य मनरेगा से जोड़कर किया जाए। इसके लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी व जिला परिषद के अभियंता मिलकर खाजूवाला क्षेत्र के लिए एक कार्ययोजना बनाएं और क्षेत्र की इस क्षेत्र की सभी डिग्गियों को मनरेगा से जोड़कर कार्य प्रारंभ किया जाए।
24 घंटे हो जलापूर्ति
बैठक में जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग प्रायोगिक तौर पर शहर के किसी एक जोन में 24 घंटे पानी की आपूर्ति प्रारंभ करें। जिसमें परीक्षण के तौर पर यह भी देखे कि 24 घंटे जलापूर्ति के दौरान तथा प्रतिदिन एक निश्चित समय पर की जाने वाली जलापूर्ति में पानी की खपत अधिक हुई है या कम हुई है। उन्होंने कहा कि लगातार पानी की आपूर्ति घरों में होने से आमजन पानी का भंडारण नहीं करेगा और जरूरत के मुताबिक ही पानी का उपयोग करेगा। अगर 1 माह जोन में इस तरह की व्यवस्था को देखा जाए और उसके परिणाम बेहतर हो, तो शहर में सभी जगह 24 घंटे जलापूर्ति प्रारंभ की जा सकती है।

5 सहायक अभियंता के पद होंगे स्वीकृत
बैठक में जोधपुर विद्युत वितरण निगम के अभियंता ने बताया कि जिले के पांचू, महाजन, पूगल, सेरूणा और नौरंगदेसर में निगम के कार्यालय में सहायक अभियंताओं के पद की जरूरत है। ऊर्जा मंत्री डॉ. कल्ला ने कहा कि पांचों स्थानों पर सहायक अभियंता के पद शीघ्र ही स्वीकृत कर दिए जाएंगे।
बैठक में एडीएम सिटी शैलेन्द्र देवड़ा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के दिलीप गौड़, दीपक बंसल, वेपकोकस के बीजी व्यास, अदम माथुर, इंदिरा गांधी नहर परियोजना के राकेश कुमार, विवेक गोयल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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