जरूरतमंदों को पट्टा दें सरकार-देवनानी

अजमेर के जरूरतमंदों को पट्टा नहीं, मामला सदन में गूंजा।
-अजमेर उत्तर विधायक देवनानी ने उठाया मुद्धा, सरकार पर लगाया खानापूर्ति करने का आरोप।

प्रो. वासुदेव देवनानी
अजमेर/जयपुर, 16 मार्च।
अजमेर शहर के जरूरतमंदों को मकानों के पट्टे नहीं मिलने का मामला बुधवार को विधानसभा में गूंजा। भाजपा नेता, पूर्व शिक्षा मंत्री एवं अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी ने हजारों अजमेरवासियों को पट्टें जारी नहीं करने के मामले में राज्य सरकार को घेरा। देवनानी ने कहा कि अजमेर में प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत पट्टे बांटने के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है। जरूरतमंद आज भी पट्टों से दूर है। एडीए अधिकारियों की उदासीनता के चलते स्थानीय लोगों को पट्टे मिलने की आस टूटती नजर आ रही है।
विधानसभा कार्यसंचालन एवं प्रक्रिया नियम 295 (विशेष उल्लेख) के अन्तर्गत बोलते हुए देवनानी ने कहा कि राज्य सरकार ने कच्ची बस्तियों के नियमन एवं पुरानी बसावट वाली काॅलोनियों में प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत पूरे प्रदेशभर में 10 लाख पट्टे बांटने का न केवल जबरदस्त हो-हल्ला किया बल्कि समाचारपत्रों की खूब सुर्खियां भी बंटोरी लेकिन करोडों रूपए पानी की तरह बहाने के बाद भी अजमेर के मायने में ‘परिणाम ढाक के तीन पात’ ही रहे हैं। 2 अक्टूबर 2021 से प्रारंभ यह अभियान 31 मार्च को समाप्ति पर है लेकिन अजमेर के दर्जनों वार्डों के हजारों जरूरतमंदवासियों को अब तक भी मकानों के पट्टे नहीं मिले हैं।
उन्होंने कहा कि बडी आस में लोगों ने हजारों रूपये खर्च कर मकानों की फाइले तैयार की। सेवा शुल्क के नाम पर प्रति फाइल 1500 रूपये भी जमा कराए। हालांकि लाखों रूपए खर्च कर कैम्प भी लगाए गए लेकिन ये कैम्प पट्टे देने के बजाए जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, वैवाहिक प्रमाण पत्र इत्यादि रूटीन के कार्य तक ही सीमित रहे। वार्ड 62, 63, 64, 65 सहित दर्जनों वार्डों के हजारों निवासियों को अब तक भी पट्टे मिलने की आस है। अभियान समाप्ती के महज 15 दिन शेष रहने के चलते दशकों से पट्टे मिलने के इंतजार में अजमेरवासियों की आंखें पथरा गई है। उनकों अब आस टूटती दिखाई पड रही है। संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के चलते पट्टे नहीं मिलने से शहरवासियों में सरकार और प्रशासन के प्रति भारी रोष व्याप्त है। इस दौरान देवनानी ने सरकार से अजमेर शहर के जरूरतमंदों को प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत ही तत्काल पट्टे जारी करने की मांग की।

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