-मदरसों में पढ़ने वाले पांचवीं कक्षा के मुस्लिम विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा शुल्क से मुक्त करने के फैसले पर देवनानी का सरकार पर हमला
-देवनानी ने जड़ा गहलोत सरकार पर मुस्लिम तुष्टीकरण करने का आरोप
-फैसला वापिस लं, नहीं तो चुनाव में परिणाम भुगतने को तैयार रहे कांग्रेस

देवनानी ने कहा कि प्रदेश में सवा तीन साल से धड़ल्ले से मुस्लिम तुष्टीकरण का खेला चल रहा है। कांग्रेस सरकार द्वारा हिन्दू त्यौहारों पर धारा 144 लगाई जाती है। रामनवमी और महावीर जयंती पर शोभायात्राओं को नहींे निकलने दिया जाता है। विजयादशमी पर संघ के पथ संचलन को निकालने की अनुमति नहीं दी जाती है, जबकि इसके विपरीत रमजान के महीने में मुस्लिम बहुल्य क्षेत्रों में बिजली नहीं काटने का आदेश दिया जाता है और कोेटा में एक मुस्लिम संगठन को मार्चफास्ट निकालने की अनुमति दी जाती है। हिन्दू विरोधी दर्जनों निर्णय ऐसे हैं, जो यह दर्शाते हैं कि मुख्यमंत्री गहलोत के नेतृत्व में सरकार ने मुस्लिम तुष्टिकरण की सारी हदें पार कर दी हैं। निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क वसूलना और मदरसों में पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले मुस्लिम विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा शुल्क से मुक्त करना इसका जीता-जागता प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के मंदिरों को भी तुष्टीकरण की आग में झोंकने से नहीं चूकी। विद्यार्थी तो सब एक ही और सबके लिए समान होते हैं, तो फिर मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को इससे मुक्त करना कहां का न्याय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का तुष्टीकरण का घड़ा अब पूरी तरह से भर चुका है। प्रदेश की जनता अगले विधानसभा चुनाव में इस घड़े को फोड़ कर कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने का इंतजार कर रही है।