गोगुंदा के केलाबावड़ी जंगलों में हुए दोहरे हत्याकांड का 72 घंटे में खुलासा

तांत्रिक ने की थी सरकारी टीचर ओर युवती की हत्या

उदयपुर। (रीमा गोधा) / गोगुंदा थाना पुलिस ने 2 दिन पहले थाना क्षेत्र के केलाबावड़ी के जंगलों में मिली सरकारी टीचर और उसकी महिला मित्र के जघन्य हत्याकांड के मामले का खुलासा कर आरोपी तांत्रिक भालेश कुमार पुत्र गणेश लाल निवासी थाना सागवाड़ा जिला डूंगरपुर हाल थाना प्रताप नगर उदयपुर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया है। आरोपी तांत्रिक ने भक्तों में बना बनाया नाम और पहचान खत्म होने के डर से फिजिकल रिलेशन बनाते समय आंखों में फेविक्विक डाल चाकू और पत्थर से वार कर हत्या की थी।
एसपी विकास शर्मा ने बताया कि 18 नवंबर को गोगुंदा थाना इलाके के केला बावड़ी के जंगलों में एक युवक व युवती की न्यूड अवस्था में लाश पुलिस को मिली थी। युवक की पहचान थाना जावर माइंस निवासी चतर सिंह के पुत्र राहुल मीणा एवं युवती की पहचान मदार निवासी भूर सिंह की बेटी सोनू कवर के रूप में की गई। राहुल मीणा सरकारी अध्यापक के रूप में कार्यरत हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। एफएसएल और डॉग स्क्वायड टीम को बुला साक्ष्य एकत्रित किए गए। युवक-युवती दोनों ही शादीशुदा थे। मामला प्रेम प्रसंग का लग रहा था। जघन्य हत्याकांड के खुलासे के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुंदन कांवरिया व सीओ भूपेंद्र सिंह के सुपरविजन एवं थानाधिकारी नाई श्याम सिंह, थानाधिकारी गोगुंदा योगेंद्र व्यास व थानाधिकारी बेकरिया मुकेश कुमार की एक टीम गठित की गई।
गठित टीम द्वारा दोनों की शिनाख्त करने के बाद घटनास्थल पर आने जाने वाले रास्तों पर लगे सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले, लोगों से पूछताछ की, मुखबिरों को एक्टिव किया। दोनों ही पक्ष के लोगों से गहनता से पूछताछ की गई। इस दौरान करीब 50 जगहों के सीसीटीवी फुटेज एवं 200 लोगों से पूछताछ कर मिले साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध तांत्रिक भालेश कुमार को डिटेन किया गया। जिसने पूछताछ में हत्या करना स्वीकार कर लिया है।
आरोपी तांत्रिक भालेश कुमार पिछले 7-8 साल से भादवी गुड़ा स्थित इच्छापूर्ण शेषनाग भावजी मंदिर में रहकर लोगों को दुख कष्ट निवारण के लिए ताबीज बना कर देता है। मृतका सोनू कवर और मृतक राहुल मीणा के परिजन भी इस मंदिर में आते जाते रहते हैं। मंदिर के दर्शन के दौरान ही राहुल और सोनू कंवर की दोस्ती हुई थी। मृतक राहुल अपनी पत्नी से झगड़ा किया करता था। पत्नी ने तांत्रिक से मदद मांगी तो तांत्रिक ने सोनू कवर से संबंधों के बारे में उन्हें बता दिया।
परिजनों को संबंधों के बारे में बताए जाने से पिछले 5 महीनों से दोनों नाराज थे और उसे बदनाम करने और कहीं का नहीं छोड़ने की बात कह रहे थे। भक्तों में बना बनाया नाम व पहचान खराब होने के डर से तांत्रिक ने दोनों को रास्ते से हटाने का प्लान बना लिया। इसके लिए उसने मार्केट से 50 के करीब फेविक्विक इकट्ठे कर ली।
15 नवंबर की शाम तांत्रिक ने टीचर को सुखाड़िया सर्किल से और लड़की को अंतिम बार मिलाने के लिए कहकर बाइक पर बैठाया और उबेश्वर जी की तरफ ले गया। घटनास्थल पर दोनों ने लास्ट बार फिजिकल रिलेशन बनाने की गुजारिश की तो वह साइड में हो गया। फिजिकल रिलेशन बनाते समय साथ में लाई फेवीक्विक की बोतल तांत्रिक ने दोनों के ऊपर उड़ेल दी। बाद में चाकू और पत्थर से वार कर दोनों की हत्या कर वहां से निकल गया। सामान्य व्यवहार करता हुआ अगले दिन बूंदी की तरफ किसी भक्त के यहां निकल गया।

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