Deprecated: Creation of dynamic property OMAPI_Elementor_Widget::$base is deprecated in /home/u839618843/domains/ajmernama.com/public_html/wp-content/plugins/optinmonster/OMAPI/Elementor/Widget.php on line 41
कलागुरु डॉ. सुमहेन्द्र की स्मृति में राष्ट्रीय लघु चित्रण कार्यशाला का आयोजन - Ajmernama

कलागुरु डॉ. सुमहेन्द्र की स्मृति में राष्ट्रीय लघु चित्रण कार्यशाला का आयोजन

कलावृत्त के संस्थापक वरिष्ठ चित्रकार एवं शिक्षक कलागुरु डॉ. सुमहेन्द्र के 80वें जन्मदिवस पर राष्ट्रीय समसामयिक लघु चित्रण कार्यशाला का आयोजन 2 से आरंभ।

जयपुर, 27 अक्टूबर। राज्य की प्रतिष्ठित कला संस्था कलावृत्त द्वारा राजस्थान ललित कला अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में भारत की प्राचीन एवं समृद्ध लघु चित्रण शैलियों को लुप्त होने से बचने के साथ ही इन कला विधाओं में नवाचार के माध्यम से पुनः चित्रकारों को इन विशिष्ठ शैलियों को अपनाकर आपके विचारों को चित्रित करें। कलावृत्त द्वारा इन शैलियों के संरक्षण के लिए पिछले चार वर्षो से निरंतर इस कार्यशाला का आयोजन कर रहा है।
कलावृत एवं राजस्थान ललित कला अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय समसामयिक लघु चित्रण ऑनलाइन कार्यशाला का चतुर्थ संस्करण कलावृत्त संस्था के संस्थापक व विख्यात चित्रकार, मूर्तिकार एवं कला शिक्षक डॉ. सुमहेन्द्र की कला-यात्रा को उनकी स्थाई विरासत एवं कला के क्षेत्र में एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य कर रही है और हम इसको बढ़ावा देने के लिए इनके दृष्टिकोण और जुनून को बनाए रखने के लिए समर्पित और प्रयासरत है।
संस्था के अध्यक्ष संदीप सुमहेन्द्र ने बताया कि कलावृत्त का उद्देश्य परंपरागत शैलियों एवं युवा पीढ़ी को पारम्परिक लघु चित्रण के प्रति पुनः आकर्षित कर उन्हें वर्तमान परिवेश में, उन शैलियों को विकसित करने के लिए प्रेरित करना है, जिससे अगली पीढ़ी को भी पारंपरिक कलाओं की तकनीक एवं इनमें उपयोग होने वाले प्राकृतिक रंगों आदि की पूर्ण जानकारी मिल सके। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला में प्रतिभागी चित्रकार अपने स्वयं के स्टूडियो में 2 से 12 नवंबर (10 दिन) तक पारंपरिक शैली की तकनीक में अपने-अपने सृजन को गति देंगे। जिनमें वे समकालीन परिस्थितियों ध् घटनाओं का चित्रण करेंगे।
संदीप ने आगे बताया कि कार्यशाला का चतुर्थ संस्करण कलावृत्त के संस्थापक सुमहेन्द्र जी की कला-यात्रा को समर्पित है, जिनका परम्परागत कलाओं की दुनिया में अमूल्य योगदान कलाकारों की पीढ़ियों को प्रेरित करता है। फलतः इस कार्यशाला को निःशुल्क रखा गया है। तीन वरिष्ठ चित्रकारों की चयन समिति द्वारा सृजन की श्रेष्ठता, तकनीक और चित्रित विषय की प्रधानता के आधार पर श्रेष्ठ पांच चित्रकारों के उत्कृष्ट चित्रों का चयन किया जायेगा।
अकादमी के अध्यक्ष लक्ष्मण व्यास ने संदीप सुमेहन्द्र द्वारा लघु चित्रण के उत्थान के लिए इस नए प्रयोग में लघु चित्र शैली को समसामयिक कला का परिवेश के साथ चित्रण करने के उद्देश्य को सराहा और नए कलाकारों को डॉ. सु महेन्द्र के चित्रों से प्रेरणा लेकर अपना नव-सृजन करने का परामर्श दिया।
संस्था के प्रवक्ता दिगंत शर्मा ने बताया कि कार्यशाला में निर्मित पांच सर्वश्रेष्ठ चित्रों का चयन कर उन्हें राजस्थान के वरिष्ठ एवं विख्यात कलागुरूओं, पद्मश्री रामगोपाल विजयवर्गीय, पद्मश्री कृपाल सिंह शेखावत, कलारत्न पी. एन. चोयल, प्रो. देवकीनंदन शर्मा एवं कलागुरू वेदपाल शर्मा ‘बन्नुजी‘ सम्मान एवं स्मृति चिन्ह तथा शेष सभी प्रतिभागियों को डिजिटल सर्टिफिकेट प्रदान किए जाएंगे। साथ ही संस्था के वर्ष 2024 के एक टेबल कैलेंडर में सम्मानित चित्रों के साथ, शेष चित्रों में से 24 श्रेष्ठ चित्रों का चयन कर उन्हें, चित्रकारों के चित्र सहित प्रकाशित किया जायेगा तथा यह कैलेंडर डिजिटल फॉर्मेट में सभी प्रतिभागियों को प्रदान किया जायेगा।
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करेंः-
संदीप सुमहेन्द्र
अध्यक्ष, कलावृत्त
मो. 98294 37374

1 thought on “कलागुरु डॉ. सुमहेन्द्र की स्मृति में राष्ट्रीय लघु चित्रण कार्यशाला का आयोजन”

Comments are closed.

error: Content is protected !!