अल्पसंख्यकों ने बढ़ाई कांग्रेस की चिंता

कांग्रेस चिंतन शिविर से ठीक एक दिन पहले आज जयपुर में हुए अल्पसंख्यकों के सम्मेलन में कांग्रेस और राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार को साफ चेतावनी दी गई कि या तो वे संभल जाए नहीं तो आने वाले समय में मुश्किल हो सकती है। अल्पसंख्यक नेताओं ने यूपी और हरियाणा से सटे भरतपुर के गोपालगढ़ में पुलिस फायरिंग से हुई दस मुस्लिमों की मौत का जिम्मेदार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को बताते हुए कांग्रेस आलाकमान से उन्हे तुरंत पद से हटाने की मांग की। मुस्लिम समाज ने आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव में सोच समझकर वोट देने पर मंथन किया।

चिंतन शिविर से एक दिन पूर्व हुए अल्पसंख्यक सम्मेलन में हुई राजनीतिक चर्चा और वोट का इस्तेमाल सोच-विचार करने के निर्णय ने कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। कांग्रेस के वोट बैंक रहे मुस्लिम समाज की नाराजगी से चिंतित पार्टी आलाकमान ने मुख्यमंत्री का निर्देश दिए कि इस वर्ग की नाराजगी दूर करने के तत्काल प्रयास शुरू किए जाए।

सम्मेलन से एक दिन पूर्व बुधवार को और सम्मेलन सम्पन्न होने के बाद आज शाम कांग्रेस अध्यक्ष के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल एवं प्रदेश प्रभारी राष्ट्रीय महासचिव मुकुल वासनिक ने मुख्यमंत्री से हालात की जानकारी ली। सरकार और कांग्रेस के खिलाफ हुए सम्मेलन का जवाब देने के लिए सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों से जुडे विभिन्न आयोगों एवं बोर्ड अध्यक्षों की प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कराई गई। इसमें यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि गहलोत सरकार ने अल्पसंख्यक समाज के लिए कई निर्णय किए है। सीएम और पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर कांग्रेस के अल्पसंख्यक नेता पिछले दो दिन से इस प्रयास में जुटे है कि चिंतन शिविर के दौरान कहीं कोई विवाद उत्पन्न नहीं हो जाय।

चिंतन शिविर स्थल बिड़ला सभागार के ठीक सामने होटल हवेली में आज अल्पसंख्यक संगठन जमीयत उलेमा-ए-राजस्थान और मुस्लिम आरक्षण संघर्ष समिति के तत्वावधान में आरंभ अजमेर शरीफ दरगाह के सज्जादानशीन दीवान हजरत सय्यद जैनुअल आबेदीन ने दुआ करके किया। इस मौके पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के जनरल सेक्रेटरी मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कब तक नशे में रहेंगे। जब अंग्रेजों का शासन ही नहीं टिका, तो गहलोत कहां टिक पाएंगे। इस बात को केन्द्र सरकार को भी समझना होगा। अब्दुल वाहिद खतरी ने संगठन की मांगों पर विचार व्यक्त किए। इस मौके पर प्रदेशभर के मुस्लिम शामिल हुए।

संगठन के महासचिव अब्दुल वाहिद खतरी ने भरतपुर के गोपालगढ़ में पिछले साल पुलिस फायरिंग में दस लोगों की मौत के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उन्ही के आदेश से गोली चली थी,इसलिए कांग्रेस उन्हे पद से हटाकर किसी अन्य नेता को मुख्यमंत्री बनाए नहीं तो मुस्लिम समाज विस.चुनाव में वोट देने से पूर्व सोच विचार करेगा।

उन्होंने मुसलमानों को आरक्षण दिए जाने की भी मांग की। इधर फिल्मकार महेश भट्ट ने मुसलमानों की मौजूदा स्थिति के लिए प्रदेश की कांग्रेस सरकार को चेताया कि अभी चिंतन शिविर में चेत जाए। मुसलमानों की स्थिति को गंभीरता से लें, वरना आने वाले समय में दिक्कत खड़ी हो जाएगी।

उन्होंने प्रदेश में हुए सांप्रदायिक दंगों को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि मानसिकता बदलनी होगी। इसके लिए पुलिस को साइक्लोजिकल ट्रेनिंग की जरूरत है।

भट्ट फोरम फॉर मुस्लिम स्टडीज एंड एनालिसिस की ओर से प्रदेश और केन्द्र सरकार की मुस्लिम और उर्दू विरोधी नीतियों के खिलाफ जयपुर के शहीद स्मारक पर हुए धरने को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर राजस्थान उर्दू शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष अमीन कायमखानी ने कहा कि कांग्रेस की मुस्लिम विरोधी नीतियों से नरेन्द्र मोदी और अशोक गहलोत में कोई फर्क नहीं लगता।

उन्होंने कहा कि अब फासिस्ट पार्टी हो या लेफ्ट, सांप्रदायिक पार्टी हो या फिर जोड़-तोड़ की सरकार, सब चलेगी। लेकिन कांग्रेस को सत्ता में नहीं आने दिया जाएगा।

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