राजस्थान में इन्वेस्टर एजुकेशन ड्राइव में म्यूचुअल फंड की जानकारी और रिस्क के बारे में जागरूकता पर फोकस किया गया

अलवर, जनवरी, 2026- एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया की गाइडलाइंस के मुताबिक, इन्वेस्टर अवेयरनेस प्रोग्राम ज़रूरी हैं, नावी म्यूचुअल फंड्स ने 9 जनवरी, 2026 को राजस्थान के अलवर के शाहजहांपुर में रमाडा बाय विंडम में एक इन्वेस्टर अवेयरनेस प्रोग्राम  सफलतापूर्वक आयोजित किया। इस एजुकेशनल सेशन में अलग-अलग प्रोफेशनलबैकग्राउंड के लगभग 58 लोगों ने हिस्सा लिया, जिसे नावी एएमसी लिमिटेड के सीईओ आदित्य मुल्की ने खुद लीड किया। यह एक दुर्लभ मौका था जब सीनियर एएमसी लीडरशिपने सेमी-अर्बन जगहों पर सीधे रिटेल इन्वेस्टर्स के साथ बातचीत की।

कार्यक्रम का उद्देश्य पहली बार के निवेशकों को करने व्यावहारिक निवेश का ज्ञान देना था। सत्र में बताया गया कि बैंक बचत खातों में रखा पैसा महंगाई के कारण समय के साथअपनी वास्तविक मूल्यांकन खोता जाता है, जबकि म्यूचुअल फंड दीर्घकाल में बचत को बढ़ाने का एक विनियमित विकल्प प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम में बताया गया कि म्यूचुअल फंड में निवेश सभी के लिए आसान है। महज 100 रुपए से निवेश की शुरुआत की जा सकती है। यानी हर आयवर्ग के लोग धन संचय  कीप्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं।

इस जागरुकता सत्र में म्यूचुअल फंड से जुड़े आम गफलत जैसे कि ये बहुत जटिल होते हैं, इनमें जोखिम ज्यादा है या इनमें लंबी अवधि तक निवेश की बाध्यता होती है।संवादात्मक चर्चा के माध्यम से प्रतिभागियों को यह समझाया गया कि म्यूचुअल फंड कैसे काम करते हैं, इनमें निवेश के उपलब्ध विकल्प क्या हैं और अपने वित्तीय लक्ष्यों केअनुसार फंड का चयन कैसे किया जाए।

यह IAP नावी म्यूचुअल फंड की सेमी-अर्बन और ग्रामीण बाजारों में फाइनेंशियल लिटरेसी पहलों के हिस्से के तौर पर शुरू किया गया है। यह पहल ऐसे समय में आई है जब भारत काम्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ज़बरदस्त ग्रोथ देख रहा है। हाल के डेटा से पता चलता है कि सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान में आने वाला पैसा, जो रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रेगुलर इन्वेस्ट करने काएक पॉपुलर तरीका है, साल-दर-साल 16 प्रतिशत बढ़ा है, जो नवंबर 2025 में ₹29,445 करोड़ तक पहुँच गया, जबकि नवंबर 2024 में यह ₹25,320 करोड़ था। यह ग्रोथ मार्केट मेंउतार-चढ़ाव के बावजूद म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टर्स के बढ़ते भरोसे को दिखाती है।

यह सत्र एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) द्वारा तय किए गए मानकीकृत शैक्षणिक ढांचे के तहत आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य बाजार मेंसीमित अनुभव रखने वाले निवेशकों के लिए म्यूचुअल फंड निवेश को सरल बनाना था।

मुख्य बिंदु:

  • महंगाई और बचत: यह समझाया गया कि पारंपरिक बैंक बचत महंगाई से कैसे प्रभावित होती है और म्यूचुअल फंड दीर्घकालीन वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने का एकआसान और विनियमित विकल्प कैसे हैं।
  • निवेश की आसान पहुंच: यह बताया गया कि अब पेशेवर निवेश सभी के लिए संभव है, जिसकी शुरुआत मात्र 100 रुपए से हो सकती है।
  • भ्रम दूर करना: म्यूचुअल फंड की जटिलता और पूंजी डूबने के डर से जुड़े आम मिथकों को स्पष्ट किया गया।

कार्यक्रम का समापन सवाल जवाब के साथ हुआ। यहां प्रतिभागियों ने जोखिम प्रोफाइलिंग और डिजिटल निवेश से जुड़े सवाल पूछे। राजस्थान में बाजार से जुड़े निवेश उत्पादों कोअपनाने की प्रवृत्ति लगातार मजबूत रही है। जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, अजमेर और कोटा जैसे शहर पिछले एक दशक से देश के शीर्ष 100 शहरों में म्यूचुअल फंड एयूएम के मामलेमें शामिल रहे हैं।

यह प्रोग्राम नावी म्यूचुअल फंड की उस स्ट्रैटेजी को दिखाता है जिसके तहत छोटे शहरों में इन्वेस्टर्स को डायरेक्ट ऑन-ग्राउंड जुड़ाव, कम लागत वाले इन्वेस्टमेंट सॉल्यूशन और लोकलम्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स और रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स के साथ पार्टनरशिप के ज़रिए म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट को ज़्यादा आसानी से समझने और एक्सेस करने में मदद कीजाएगी।

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