विज्ञान केवल अध्ययन का नहीं समस्याओं के समाधान का भी है माध्यम : डॉ. मेघना शर्मा
बेसिक पी.जी. महाविद्यालय, बीकानेर में आयोजित दो दिवसीय ‘इनोवेटिव साइंस एक्सपो-2026’ का आज उत्साहपूर्ण वातावरण में समापन हुआ। विज्ञान, नवाचार, रचनात्मकता एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को समर्पित इस आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा, मौलिक विचारों और प्रयोगात्मक कौशल के प्रदर्शन का एक सशक्त मंच प्रदान किया। दो दिनों तक चले इस विज्ञान उत्सव में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता, वैज्ञानिक जिज्ञासा एवं नवाचारी सोच विशेष आकर्षण का केन्द्र रही।
आयोजन के दूसरे एवं अंतिम दिन महाराजा गंगा सिंह यूनिवर्सिटी की इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. मेघना शर्मा ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा कि विज्ञान केवल अध्ययन का विषय नहीं, बल्कि जीवन की समस्याओं के समाधान, समाज के विकास और भविष्य के निर्माण का प्रभावी माध्यम भी है।
स अवसर पर श्री गिरिराज खैरीवाल, श्री रामजी व्यास व प्राचार्य सुरेश पुरोहित उपस्थित रहे |
अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मॉडलों की विषयवस्तु, वैज्ञानिक अवधारणाओं, उपयोगिता एवं रचनात्मक पक्ष में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके प्रोजेक्ट्स के पीछे की सोच, उनकी कार्यप्रणाली तथा समाज के लिए उनकी संभावित उपयोगिता के सम्बन्ध में संवाद किया। विद्यार्थियों ने पूरे आत्मविश्वास एवं उत्साह के साथ अपने प्रोजेक्ट्स की जानकारी साझा की। अतिथियों ने कहा कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए उन्हें प्रयोग करने, नई संभावनाओं को तलाशने तथा अपने मौलिक विचारों को अभिव्यक्त करने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। ऐसे आयोजन बच्चों एवं युवाओं में जिज्ञासा, तार्किक क्षमता, आत्मविश्वास और समस्या समाधान की प्रवृत्ति को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सुरेश पुरोहित ने बताया कि इस अनूठे आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को परम्परागत किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर विज्ञान की व्यावहारिक उपयोगिता, अनुसंधान, प्रयोग एवं नवाचार की दुनिया से जोड़ना था। एक्सपो के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाओं को वैज्ञानिक मॉडलों एवं रचनात्मक प्रस्तुतियों के रूप में साकार करने का अवसर मिला।
‘इनोवेटिव साइंस एक्सपो-2026’ में विभिन्न राजकीय एवं निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भ्रमण किया। विद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी में प्रस्तुत वैज्ञानिक मॉडलों, प्रयोगों एवं नवाचारों को उत्सुकता के साथ देखा तथा विज्ञान के विभिन्न आयामों को नजदीक से समझने का अवसर प्राप्त किया। प्रदर्शनी ने विद्यालयी विद्यार्थियों के लिए विज्ञान को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखते हुए उसे प्रयोगों एवं व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से समझने का अवसर उपलब्ध कराया। युवा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक विषयों के प्रति रुचि, जिज्ञासा एवं नई चीजें सीखने की ललक स्पष्ट रूप से दिखाई दी। इस सहभागिता ने विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर के विद्यार्थियों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान तथा शैक्षणिक संवाद की संभावनाओं को भी सुदृढ़ किया।
महाविद्यालय प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष श्री रामजी व्यास ने बताया कि वर्तमान समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार की भावना, तार्किक चिंतन एवं सृजनात्मक क्षमता विकसित करना भी है। ‘इनोवेटिव साइंस एक्सपो-2026’ इसी दिशा में महाविद्यालय का एक सार्थक प्रयास है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत वैज्ञानिक मॉडल और नवाचारी परियोजनाएं उनकी कल्पनाशीलता, मेहनत एवं भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करती हैं। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, नए प्रयोग करने और अपने विचारों को व्यावहारिक स्वरूप देने के लिए प्रेरित करते हैं। महाविद्यालय भविष्य में भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा नवाचार आधारित शैक्षणिक गतिविधियों को निरन्तर प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं सहयोगियों की सराहना करते हुए सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।